लंदन. काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन-1 में भारतीय लेग स्पिनर राहुल चाहर का जलवा देखने को मिला। सरी की ओर से खेल रहे चाहर ने यूटिलिटा बाउल में हैम्पशायर के खिलाफ घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 45 रन देकर सात विकेट चटकाए। उनकी फिरकी का असर इतना गहरा रहा कि 61 रन पर बिना किसी नुकसान के खेल रही हैम्पशायर की टीम 148 रन पर नौ विकेट खो बैठी। इस प्रदर्शन ने न सिर्फ मैच का रुख पलटा बल्कि हैम्पशायर को डिवीजन-1 से बाहर होने के खतरे के करीब भी ला दिया। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम अब भी 33 रन पीछे है और जीत की संभावना केवल 14% रह गई है।
दिन की शुरुआत सरी के चार विकेट बाकी रहते हुई थी, लेकिन हैम्पशायर के गेंदबाज ढीले साबित हुए। सुबह के सत्र में उन्होंने 23 ओवर में 55 रन खर्च कर आखिरी चार विकेट झटके। जवाब में हैम्पशायर ने अच्छी शुरुआत की और पहले 12 ओवर में ही 50 रन बना डाले। हालांकि इसके बाद चाहर और डैन लॉरेंस ने खेल पलट दिया। चाहर ने लगातार विकेट निकालते हुए बल्लेबाजों को बेहाल कर दिया। गेंद तेज़ी से टर्न हो रही थी, जिसे खेलना बल्लेबाजों के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ।
हैम्पशायर की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण टीम में गेंदबाजी नहीं कर पाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़ने के बाद टीम ने अगले 59 रन के भीतर नौ विकेट गंवा दिए। ऑर को जीवनदान जरूर मिला, लेकिन कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल समय से पहले रोकना पड़ा। अब हैम्पशायर को जीतने के लिए 33 रन चाहिए, जबकि सरी को सिर्फ एक विकेट। चाहर का यह प्रदर्शन उनके काउंटी करियर का अब तक का सबसे शानदार पल माना जा रहा है।


