वालीबॉल प्रतियोगिता (4-6 अगस्त) को लेकर हो रही है आलोचना

चोंट लगने का लगा रहता है डर
एक कोच ने बताया कि इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता के लिए सिर्फ एक कोर्ट और तीन दिन पर्याप्त नहीं हैं। ऊपर से बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। बच्चों को कीचड़ में खेलना पड़ रहा है और गिरने से चोट लगने का खतरा बना रहता है। शिक्षकों का यह भी कहना है कि जिला स्तर के अन्य खेल जैसे खो-खो, कबड्डी, सॉफ्टबॉल, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और कुश्ती भी जुलाई-अगस्त की बारिश के मौसम में आयोजित किए जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों के लिए असुरक्षित है।

31 जुलाई को है बैठक
31 जुलाई को स्कूल में कोचों की बैठक रखी गई है जिसमें सभी को लॉगबुक और पात्रता दस्तावेज लाने को कहा गया है। कोचों को उम्मीद है कि इस बैठक में कम से कम आयोजन स्थल और समय पर पुनर्विचार की बात उठाई जाएगी। खिलाड़ियों और कोचों की मांग है कि खेल आयोजनों को या तो बारिश के बाद शिफ्ट किया जाए या इनडोर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि प्रतियोगिताएं सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से हो सकें।

