दुबई। पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आग़ा ने साफ कहा है कि वह अपने तेज़ गेंदबाज़ों की आक्रामकता पर किसी तरह की रोक नहीं लगाएंगे। एशिया कप फ़ाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आग़ा ने कहा, “अगर आप किसी तेज़ गेंदबाज़ की आक्रामकता छीन लेते हैं, तो फिर बचता ही क्या है? हर खिलाड़ी अपनी भावनाओं को संभालना जानता है। जब तक कोई अपनी हद में रहता है और विरोधी का अनादर नहीं करता, मुझे कोई समस्या नहीं है।” हाल ही में भारत के ख़िलाफ़ खेले गए मैच में पाकिस्तानी गेंदबाज़ों का रवैया चर्चा में रहा था और आईसीसी ने हारिस रऊफ़ व साहिबज़ादा फ़रहान को सज़ा भी दी थी।
आग़ा ने हाथ न मिलाने की भारतीय टीम की घटना पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, “मैं 2007 से पेशेवर क्रिकेट खेल रहा हूं। मैंने कभी मैच के बाद दो टीमों को हाथ न मिलाते नहीं देखा। जब भारत-पाकिस्तान के मैच और भी तनावपूर्ण हालात में होते थे, तब भी हाथ मिलाना होता था। यह खेल की परंपरा का हिस्सा है और इसका न होना क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है।” उन्होंने माना कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में दबाव अलग ही तरह का होता है और फ़ाइनल में दोनों टीमें बराबर के दबाव में उतरेंगी।
जहाँ तक उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात है, आग़ा ने स्वीकार किया कि वह इस टूर्नामेंट में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 78.04 रहा है और अब तक 31 बल्लेबाज़ उनसे अधिक रन बना चुके हैं। फिर भी, उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम सही समय पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि हमने अपनी पूरी क्षमता से बल्लेबाज़ी नहीं की है, लेकिन शायद हम फ़ाइनल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ बचाकर रखे हैं।” पाकिस्तान ने पिछले तीन मैचों में एक ही टीम खिलाई है, लेकिन बल्लेबाज़ी की फ़ॉर्म अब भी चिंता का विषय है। आग़ा का मानना है कि पिच और हालात को देखते हुए उन्हें सही संतुलन ढूँढना होगा।


