ओडियन और दिल्ली पब्लिक स्कूल को हराकर फाइनल में जगह पक्की, आज होगा खिताबी मुकाबला
(NST News) भोपाल। पीपुल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित सीबीएसई नेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता का अंडर-14 वर्ग मंगलवार को रोमांचक मुकाबलों से भरा रहा। क्वार्टर फाइनल से लेकर सेमीफाइनल तक खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और अब फाइनल मुकाबले की तस्वीर साफ हो चुकी है। संजीवन पब्लिक स्कूल, मुंबई और राजेंद्रन स्कूल ने अपने-अपने सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह पक्की कर ली है।

क्वार्टर फाइनल में दिखा जोश
दिन की शुरुआत क्वार्टर फाइनल मुकाबलों से हुई। पहला मैच डालमिया विद्या मंदिर, राजस्थान और ओडियन ग्लोबल स्कूल, असम के बीच खेला गया। निर्धारित समय में दोनों टीमें गोल नहीं कर पाईं। इसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक गया, जहां ओडियन ने 4-3 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दूसरा क्वार्टर फाइनल मदीना पब्लिक स्कूल और संजीवन पब्लिक स्कूल के बीच हुआ। इसमें संजीवन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से आसान जीत दर्ज की।
दिल्ली पब्लिक और राजेंद्रन ने बनाया रास्ता
तीसरे क्वार्टर फाइनल में दिल्ली पब्लिक स्कूल, बड़ौदा ने सनबीम स्कूल को 1-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। चौथे क्वार्टर फाइनल में राजेंद्रन स्कूल ने आक्रामक खेल दिखाते हुए कमला देवी पब्लिक स्कूल को 2-0 से मात दी। इस तरह ओडियन, संजीवन, दिल्ली पब्लिक और राजेंद्रन स्कूल की टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं।

सेमीफाइनल में संजीवन और राजेंद्रन का जलवा
शाम चार बजे पहला सेमीफाइनल मुकाबला हुआ। इसमें संजीवन पब्लिक स्कूल, मुंबई ने ओडियन ग्लोबल स्कूल, असम को एकतरफा मुकाबले में 6-0 से परास्त कर दिया। संजीवन के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया। दूसरा सेमीफाइनल दिल्ली पब्लिक स्कूल, बड़ौदा और राजेंद्रन स्कूल के बीच खेला गया। इस मैच में राजेंद्रन स्कूल ने 2-0 से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
फाइनल का रहेगा इंतजार
अब खिताबी मुकाबला संजीवन पब्लिक स्कूल और राजेंद्रन स्कूल के बीच खेला जाएगा। दोनों ही टीमों ने सेमीफाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिससे फाइनल रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है। खिलाड़ियों और दर्शकों में खासी उत्सुकता है। सोमवार के मैचों से पहले फादर एग्नेल स्कूल के प्रिंसिपल मनोहर काटा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। आयोजन समिति का मानना है कि प्रतियोगिता बच्चों में खेल भावना और टीमवर्क की प्रेरणा जगाने में मददगार साबित हो रही है।


