हॉकी वर्ल्ड कप में भारत को झटका, शूटआउट में बेल्जियम से हारकर आठवें स्थान पर

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नई दिल्ली : कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने आखिरी सीटी बजने से 26 सेकंड पहले पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ 3-3 की बराबरी दिलाई और मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा दिया। हालांकि, शूटआउट में बेल्जियम ने 4-3 से बाजी मार ली। इस हार के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने विश्व कप में अपना अभियान आठवें स्थान पर समाप्त किया।

दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम ने आखिरी मिनट तक 3 -2 से बढ़त बना ली थी, लेकिन 26 सेकंड बाकी रहते भारत को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर गोल करने में हरमनप्रीत ने कोई चूक नहीं की। यह इस विश्व कप में उनका आठवां गोल था। पेनल्टी शूटआउट में भारत के लिये शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किये, जबकि हरमनप्रीत और सुखजीत सिंह के निशाने चूके।

बेल्जियम की ओर से किसने दागे गोल?

बेल्जियम के लिये टॉम बून, आर्थर डि स्लूवेर, अलेक्जेंडर हेंडरिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल दागे जबकि विक्टर फूबर्ट का निशाना नहीं लगा। अपने सारे मैच नीदरलैंड में खेलने वाली भारतीय टीम ने ठंडी हवाओं के बीच अच्छी खासी तादाद में यहां बेल्फियस हॉकी एरेना में जमा घरेलू समर्थकों के सामने पहले बढ़त बनाई, लेकिन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम के सामने उस लय को कायम नहीं रख सकी।

आखिरी मैच में जीत की उम्मीद थी, शूटआउट ने बिगाड़ा खेल

एम्सटेलवीन में गुरुवार को भारतीय महिला टीम के जर्मनी को हराकर पांचवां स्थान हासिल करने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम से भी जीत के साथ विदाई की उम्मीद थी, लेकिन एक बार फिर लचर डिफेंस का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा । इससे पहले शुरूआती क्वार्टर के आखिर में मैदान पर गोलकीपर के अलावा 11 खिलाड़ियों के होने से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिला, जिससे उन्हें पांच मिनट बाहर बैठना पड़ा।

31वें मिनट में हरमनप्रीत ने दागा पेनल्टी कॉर्नर से गोल

भारत के लिये छठे मिनट में अभिषेक ने फील्ड गोल किया जबकि हरमनप्रीत ने 31वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील किया । बेल्जियम के लिये रोमन डुवेकोट (22वां ), हुगो लाबूशेरे (23वां) , निकोलस डि करपल (47वां) ने गोल किये । आखिरी क्ववार्टर में भारत को एक और झटका लगा जब मनप्रीत सिंह को लाबूशेरे के शॉट पर गेंद चेहरे पर लगी और वह कराहते हुए गिर गए।

इंग्लैंड से 2 -4 से हारा भारत

भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना पड़ा चूंकि गेंद इतनी तेजी से उनके चेहरे पर आई कि लग रहा था कि आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है, लेकिन शूटआउट के दौरान पर मैदान पर लौटे। 51 साल बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना लेकर आई भारतीय टीम ने पहले दौर में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5 -3 से हराया लेकिन इंग्लैंड से 2 -4 से हार गई।

एक भी अंक नहीं जुटा सकी हरमनप्रीत सिंह की टीम

दूसरे दौर में हरमनप्रीत सिंह की टीम एक भी अंक नहीं बना सकी और नीदरलैंड के खिलाफ आखिरी 19 मिनट में तीन गोल गंवाकर 1 -3 से हार गई जबकि अर्जेंटीना ने उसे 5 -3 से हराकर सेमीफाइनल की रही सही उम्मीदें भी खत्म कर दी थी । बेल्जियम ने भारत को इस साल प्रो लीग में दोनों मैचों में हराया था। पेरिस ओलंपिक के पहले ही मैच में भारत को बेल्जियम के हाथों 1 -2 से पराजय मिली थी जबकि टोक्यो ओलंपिक सेमीफाइनल में बेल्जियम टीम ने ही भारत का खिताब जीतने का सपना तोड़कर सेमीफाइनल में 5 -2 से मात दी थी।

उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बेल्जियम का प्रदर्शन

दुनिया की दूसरे नंबर की टीम बेल्जियम का विश्व कप अभियान भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था और आस्ट्रेलिया तथा स्पेन से दूसरे दौर में 1 -1 से ड्रॉ खेलने के बाद टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी। भारत ने तीसरे मिनट में पहला हमला बोला जब बायें फ्लैंक से मनप्रीत से गेंद पर कब्जा किया, लेकिन डी के भीतर उसे फिनिश तक नहीं ले जा सके।

छठे मिनट में भारत ने दागा पहला गोल

भारत को छठे मिनट में आसान गोल मिला जब सर्कल के भीतर अभिषेक के शॉट पर गेंद गोलकीपर के पैड से टकराई और हेंडरिक्स की स्टिक से टकराकर डिफ्लैक्शन से गोल के भीतर चली गई। बेल्जियम को जवाबी हमले में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हेंडरिक्स की ड्रैग फ्लिक सीधे भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा के पास गई जिन्होंने आसान बचाव किया। आठवें मिनट में थिबू स्टॉकब्रोक्स को सर्कल के भीतर गेंद मिली और उन्होंने रिवर्स हिट लगाने की कोशिश की लेकिन जुगराज सिंह ने स्टिक आगे की ओर लगाकर बेहतरीन बचाव किया।

12वें मिनट में बेल्जियम को मिले लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर

इसके अगले मिनट बेल्जियम के स्ट्राइकरों की एक और कोशिश को करकेरा ने नाकाम किया। भारत को 11वें मिनट में करारा झटका लगा जब कप्तान हरमनप्रीत को पीला कार्ड मिलने के कारण पांच मिनट के लिये बाहर बैठना पड़ा । मैदान पर भारत के बारह खिलाड़ियों के होने का खामियाजा कप्तान को भुगतना पड़ा। बेल्जियम को 12वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से पहले दो पर करकेरा ने अच्छा बचाव किया और तीसरे में ट्रैपिंग कमजोर रही जिस पर कमजोर शॉट को गोलकीपर ने बचाया।

बेल्जियम ने 22वें मिनट में की स्कोर की बराबरी

पहला क्वार्टर खत्म होने से एक मिनट पहले टॉम बून ने सर्कल के भीतर गेंद लपकी लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। भारत को 20वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक पर गेंद बेल्जियम के डिफेंडर के पैर से टकराने के कारण फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया, लेकिन भारतीय कप्तान की कमजोर फ्लिक को बेल्जियम के पहले रशर ने रोक दिया। बेल्जियम ने 22वें मिनट में बराबरी का गोल दागा जब डी के भीतर रोमन को गेंद गोल के सामने मिली और उन्होंने हल्का सा डिफ्लैक्ट करके गोल के भीतर डाल दिया।

बेल्जियम ने बढ़त को किया दोगुना

भारतीय गोलकीपर मोहित पहले ही आगे निकल आये थे जिससे रोक पाने की कोई गुंजाइश नहीं रही। इसके अगले ही मिनट बेल्जियम ने पेनल्टी कॉर्नर पर हुगो की तूफानी ड्रैग फ्लिक के जरिये गोल करके बढ़त दुगुनी कर ली। मोहित को संभलने का भी मौका नहीं मिला और गोल हो गया। बेल्जियम को 27वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को भारतीय गोलकीपर ने बचाया जबकि तीन मिनट बाद मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर मेजबान टीम ने वैरिएशन आजमाया और बून का शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया।

पहले हाफ में भारत के गोल पर बेल्जियम के 15 हमले

पहले हाफ में बेल्जियम ने भारतीय गोल पर 15 बार हमले बोले जबकि भारतीय टीम तीन बार ही हमले कर सकी । बेल्जियम को सात और भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले । ब्रेक के बाद पहले ही मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने मजबूत ड्रैग फ्लिक को गोल में बदला । बेल्जियम ने रेफरल लिया लेकिन गोल बरकरार रहा और भारत ने बराबरी की। बेल्जियम को दो मिनट बाद मिले मैच के आठवें पेनल्टी कॉर्नर पर अमित रोहिदास ने आगे बढकर बचाव किया। रोहिदास का यह 250वां मैच भी है।

भारत ने बढ़त के लिए बनाया दबाव

अगले ही मिनट बेल्जियम को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हेंडरिक्स ने गोल कर दिया, लेकिन भारत ने ड्रैग फ्लिक के हवा में होने से रेफरल लिया और इस गोल को अमान्य करार दिया गया। भारतीय टीम 40वें मिनट में बढ़त बनाने के करीब पहुंची जब जरमनप्रीत सिंह बायें फ्लैंक से गेंद लेकर आगे बढे और डी के भीतर अभिषेक को सौंपा, लेकिन उनके शॉट पर गेंद डिफेंडर की स्टिक से टकराकर गोलपोस्ट के बाहर से निकल गई। तीसरे क्वार्टर के आखिरी दो मिनट में हरमनप्रीत ग्रीन कार्ड मिलने से दो मिनट फिर बाहर रहे।

गोलकीपर को हटाकर भारत ने बढ़ाया आक्रमण

आखिरी क्वार्टर में मनप्रीत के चोट के कारण मैदान से बाहर होने के अगले ही मिनट बेल्जियम के निकोलस ने तीसरा गोल दाग दिया। अंपायर ने यह जांचने के लिए वीडियो अंपायर की मदद ली कि गेंद के रास्ते में निकोलस का शरीर तो नहीं आया था। हालांकि, वीडियो अंपायर ने गोल को सही करार दिया। इस फैसले से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह खासे नाराज नजर आए। इसके बाद भारत ने आखिरी तीन मिनट में गोलकीपर को हटाकर पूरी तरह आक्रामक रणनीति अपनाई। हूटर बजने से 26 सेकंड पहले भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे हरमनप्रीत सिंह ने गोल में तब्दील कर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया और मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा दिया।

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