शोएब अख्तर को मिला करारा जवाब, भारत की जीत के बाद दिया था ‘अमीर बच्चे’ वाला बेतुका बयान

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नई दिल्ली : भारतीय टीम ने 8 मार्च को तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया, लेकिन यह जीत कुछ पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों को रास नहीं आई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसी क्रम में Shoaib Akhtar का नाम भी शामिल रहा, जिन्होंने इस जीत के बाद विवादित बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रिकेट को खत्म किया जा रहा है और सब कुछ भारत के हिसाब से हो रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारतीय टीम को “मोहल्ले का अमीर बच्चा” तक कह दिया। हालांकि अब भारत के एक पूर्व क्रिकेटर ने उनके इस बयान पर करारा जवाब देते हुए उनकी टिप्पणी का जवाब दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शोएब अख्तर का कहना साफ था कि भारत कुछ देशों को अपने घर बुलाता है और खुद जीत जाता है। ऐसे क्रिकेट को खत्म किया जा रहा है। अब इस बयान पर आकाश चोपड़ा ने रावलपिंडी एक्सप्रेस को करारा जवाब दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा,”देखिए इंडिया सेंट्रिक यह खेल (क्रिकेट) तो अभी रहेगा और इस वजह से क्योंकि देखने वाली जनसंख्या यहां है। खेल के अंदर जो रेवेन्यू है जो यहां से आता है, यही दो चीजें हैं जिनमें सेंट्रिक रहने वाली हैं।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आकाश ने क्रेक्स लाइव पर अपने वीडियो में आगे कहा कि आखिरकार वही टीम ट्रॉफी जीतती है, जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करती है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप और अन्य आईसीसी इवेंट्स रोटेशनल प्रक्रिया के तहत अलग-अलग देशों में आयोजित होते हैं। उदाहरण के तौर पर, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का फाइनल इंग्लैंड में होता है, जहां अब तक तीन फाइनल खेले जा चुके हैं और भारत दो बार लंदन जाकर खेल चुका है। आकाश ने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर भारत सच में आईसीसी को कंट्रोल करता, तो फाइनल दिल्ली या मुंबई में करवाया जाता और शायद नतीजा भी भारत के पक्ष में होता।

‘अंगूर खट्टे हैं या खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’, बयान पर तंज

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत के पूर्व टेस्ट ओपनर ने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत आईसीसी को कंट्रोल कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह जरूर माना कि एशियन ब्लॉक काफी मजबूत है, जिसके चलते हर दूसरा या तीसरा आईसीसी इवेंट भारत को मिल सकता है, भले ही वह संयुक्त मेजबान के रूप में हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड एक सक्षम और आत्मनिर्भर संस्था है, जो किसी पर निर्भर नहीं है, और आईसीसी का मुख्य राजस्व भी भारत से ही आता है। अंत में उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि “अंगूर खट्टे हैं” या “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” जैसे मुहावरे उन लोगों पर फिट बैठते हैं, जिन्हें लगता है कि भारत आईसीसी को कंट्रोल कर रहा है।

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