शिमकेंट (कजाकिस्तान): भारतीय निशानेबाज एलावेनिल वालारिवान ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए 16वीं एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तमिलनाडु की 26 वर्षीय इस शूटर ने फाइनल में 253.6 अंक जुटाकर पहला स्थान हासिल किया। एलावेनिल इससे पहले भी कई विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और विश्व चैंपियनशिप में भी शीर्ष स्थान प्राप्त कर चुकी हैं।
चीन की शिनलू पेंग ने 253 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि कोरिया की यूंजी क्वोन ने 231.2 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में हिस्सा ले रही एक अन्य भारतीय निशानेबाज मेहुली घोष ने भी शानदार प्रदर्शन किया और आठ निशानेबाजों के फाइनल में 208.9 अंक जुटाकर चौथा स्थान हासिल किया।
कौन हैं एलावेनिल?
एलावेनिल वालारिवान भारत की प्रमुख निशानेबाजों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को कई उपलब्धियां दिलाई हैं। वह खास तौर पर 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपनी सटीकता और धैर्य के लिए जानी जाती हैं। एलावेनिल का जन्म 2 अगस्त 1999 को तमिलनाडु में हुआ था, जबकि उनका पालन-पोषण गुजरात में हुआ। उन्होंने बहुत कम उम्र में निशानेबाजी को अपना जुनून बना लिया था और जल्द ही राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया। एलावेनिल वालारिवान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2019 का आईएसएसएफ विश्व कप शामिल है, जहां उन्होंने म्यूनिख और रियो डी जनेरियो में स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
इस जीत ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष भारतीय महिला शूटरों की श्रेणी में ला खड़ा किया। इससे पहले 2018 आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और भारत की झोली में कई पदक डाले थे, जिससे उनका नाम उभरते हुए युवा निशानेबाजों में शुमार हो गया। एसएफ विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 शूटरों में शामिल रही हैं। उनका संयमित स्वभाव, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण उन्हें एक बेहद कुशल और भरोसेमंद खिलाड़ी बनाता है। उनकी उपलब्धियों ने भारत में महिला निशानेबाजी को नई पहचान दी है और आने वाले समय में उनसे ओलंपिक पदक की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं।


