साउथैम्प्टन। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में 4-0 की हार के बाद भारतीय कप्तान Shreyas Iyer ने कहा कि लगातार मिली हार उन्हें एक बेहतर कप्तान बनने में मदद करेगी। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर उनकी कप्तानी में भारत लगातार छह टी-20 मुकाबले हार चुका है। अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम विदेशी परिस्थितियों के अनुरूप खुद को जल्दी ढालने में सफल नहीं रही और यही हार की सबसे बड़ी वजह बनी। अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी करना उनके लिए सम्मान की बात है और वह इस दबाव का आनंद लेते हैं। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना भारत की कप्तानी करना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लोगों की आलोचना पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि इन अनुभवों से सीखकर आगे बेहतर प्रदर्शन करने पर फोकस कर रहे हैं। उनका लक्ष्य खिलाड़ियों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे वे विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
भारतीय कप्तान ने माना कि इंग्लैंड के अलग-अलग मैदानों की पिच, आउटफील्ड, बाउंड्री और मौसम जैसी परिस्थितियों से टीम तालमेल नहीं बिठा सकी। उन्होंने स्वीकार किया कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग, तीनों विभागों में इंग्लैंड ने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया। अय्यर के अनुसार टीम की फील्डिंग भी उम्मीद के अनुरूप नहीं रही, जिससे मैचों में लय और ऊर्जा प्रभावित हुई। प्लेइंग इलेवन को लेकर उठे सवालों पर अय्यर ने कहा कि अंतिम टी-20 में युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की जगह Sanju Samson को इसलिए शामिल किया गया, ताकि शीर्ष क्रम में दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का बेहतर संतुलन बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने परिस्थितियों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ संयोजन उतारने की कोशिश की और संजू सैमसन के अनुभव को देखते हुए यह फैसला लिया गया।


