नई दिल्ली : दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने गुरुवार (16 जुलाई 2026) को जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। सिंधु ने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया की पांचवें नंबर की चीनी खिलाड़ी हान यू को सीधे गेम में हराया। मौजूदा बीडब्ल्यूएफ महिला एकल रैंकिंग में सिंधु 10वें स्थान पर हैं और इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपनी चुनौती को और मजबूत कर दिया है।
भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने दूसरे दौर के मुकाबले में बेहतर रैंकिंग वाली चीनी खिलाड़ी हान यू के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सीधे गेम में 21-16, 21-14 से जीत दर्ज की और इस मुकाबले को अपने नाम करने में सिर्फ 35 मिनट का समय लिया। जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में सिंधु को कोई वरीयता नहीं दी गई है, लेकिन उन्होंने अपने खेल से सभी को प्रभावित किया। यह इस सीजन में उनके बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक रहा, जहां पूर्व विश्व चैंपियन ने शुरुआती चुनौती को आसानी से पार करते हुए चीनी खिलाड़ी पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा।
सिंधु ने दिखाया अनुभव का दम, चीनी खिलाड़ी पर बनाया दबदबा
शुरुआत में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, क्योंकि हान यू खेल की गति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पीवी सिंधु धीरे-धीरे मैच में जम गईं। एक बार लय में आने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने सटीक शॉट प्लेसमेंट और बेसलाइन से ज्यादा आक्रामकता के साथ रैलियों पर नियंत्रण करना शुरू कर दिया। पीवी सिंधु ने शटल को अच्छे से हिट किया और बढ़त बनाने के लिए रैलियों पर अपना दबदबा बनाया।
बेहतर निरंतरता की वजह से वह पहले गेम के अंतिम क्षणों में बढ़त बनाने में सफल रहीं और 21-16 से गेम अपने नाम किया। कोर्ट बदलने के बाद चीनी खिलाड़ी की वापसी की उम्मीदें जल्द ही खत्म हो गईं। पीवी सिंधु ने दूसरे गेम में जबरदस्त तेजी दिखाई और लगातार आठ पॉइंट जीतकर 8-0 की मजबूत बढ़त बना ली। हालांकि, हान यू ने थोड़ी देर के लिए वापसी करते हुए अंतर को कम किया, लेकिन पीवी सिंधु अविचलित रहीं।
पीवी सिंधु की अगली परीक्षा, जापानी खिलाड़ी से होगा मुकाबला
पीवी सिंधु ने अपनी सटीकता और कोर्ट कवरेज बनाए रखी और अंततः 21-14 से जीतकर शानदार विजय हासिल की। इस जीत के साथ पीवी सिंधु ने हान के खिलाफ अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 8-1 कर लिया। 31 वर्षीय पीवी सिंधु का अगला मुकाबला जापान की नोजोमी ओकुहारा से होगा। नोजोमी ओकुहारा को साउथ कोरिया की टॉप सीड एन से-यंग के दूसरे दौर के मैच से हटने के बाद वॉकओवर मिला।
टूर्नामेंट अन्य भारतीय शटलरों की बात करें तो मिक्स्ड डबल्स में तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी ने राउंड ऑफ 32 मुकाबले में स्कॉटलैंड की जूली मैकफर्सन और एलेक्जेंडर डन को सिर्फ 38 मिनट में 21-16, 21-14 से हराया था। राउंड ऑफ 16 में तनीषा और ध्रुव का चीन की हुआंग डोंग पिंग और फेंग यान झी से मुकाबला हुआ।
टूर्नामेंट में पीवी सिंधु ही एकमात्र पदक की उम्मीद
भारतीय जोड़ी ने चीन की शीर्ष वरीय जोड़ी को कड़ी चुनौती दी, लेकिन 47 मिनट तक चले मुकाबले में उन्हें 20-22, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद अब पीवी सिंधु ही जापान ओपन में भारत की पदक उम्मीदों को आगे बढ़ा रही हैं। इससे पहले लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर हो गए थे। ऐसे में सिंधु की शानदार जीत ने टूर्नामेंट के अहम चरण में भारतीय चुनौती को बरकरार रखा है।


