दांबुला। त्रिकोणीय ए सीरीज के चौथे मुकाबले में श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में इंडिया ए को हराकर एक बेहद रोमांचक जीत दर्ज की। निर्धारित 50 ओवर का मैच 265-265 के स्कोर पर टाई रहा, जिसके बाद फैसला सुपर ओवर में हुआ, जहां श्रीलंका ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम किया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ए ने सदीरा समराविक्रमा की शानदार 93 रनों की पारी की बदौलत मजबूत स्कोर खड़ा किया। उनके अलावा टीम को अन्य बल्लेबाजों से भी उपयोगी योगदान मिला। भारत की ओर से अरशद खान ने अंतिम ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए समराविक्रमा को 93 के स्कोर पर आउट कर दिया और मैच को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया। अंतिम ओवर में श्रीलंका ए पांच रन बनाकर जीत के करीब थी, लेकिन अंतिम गेंद पर रन आउट और दबावपूर्ण गेंदबाजी ने मैच को टाई कर दिया।
इसके जवाब में इंडिया ए ने भी संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। टीम की शुरुआत में नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और मध्यक्रम दबाव में नजर आया। हालांकि सूर्यवंशी, शेडगे और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाजों ने कुछ उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन टीम लगातार विकेट गंवाती रही। एक समय इंडिया ए का स्कोर काफी दबाव में था, लेकिन विप्रज निगम और शेडगे के बीच हुई 100 रनों से अधिक की साझेदारी ने टीम को 265 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
मैच के टाई होने के बाद सुपर ओवर खेला गया, जहां ड्रामा और बढ़ गया। श्रीलंका ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16 रन बनाए, जिसमें आक्रामक शॉट्स और भारत की गेंदबाजी में हुई छोटी-छोटी गलतियों का फायदा उठाया गया। भारत की ओर से अरशद खान को एक बार फिर जिम्मेदारी दी गई, लेकिन इस बार वे रन रोकने में सफल नहीं हो सके।
17 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया ए की शुरुआत खराब रही। सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर आए, लेकिन श्रीलंका के गेंदबाज कुगादास मतुलन ने दबावपूर्ण लाइन-लेंथ के साथ भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत की टीम केवल 9 रन ही बना सकी और सुपर ओवर हार गई।
इस मुकाबले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि मैदान पर कई बार दबाव और विवाद की स्थिति भी बनी। मैच के अंतिम ओवरों में धीमी रोशनी और अतिरिक्त रन पेनल्टी जैसे फैसलों ने भी खेल के नतीजे को प्रभावित किया। इंडिया ए को कुछ मौकों पर 10 रन की पेनल्टी भी झेलनी पड़ी, जो मैच के अंतिम परिणाम में महत्वपूर्ण साबित हुई। श्रीलंका ए की इस जीत में सदीरा समराविक्रमा की 93 रनों की पारी और कुगादास मतुलन की सटीक गेंदबाजी निर्णायक रही। वहीं इंडिया ए के लिए यह एक और करीबी हार रही, जिससे टीम को सीरीज में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।


