मानसिकता मजबूत होगी तो ही आगे बढ़ पाएंगे: नीतीश कुमार रेड्डी

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धर्मशाला। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में भारत की जीत के नायकों में शामिल रहे नीतीश कुमार रेड्डी का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि मजबूत मानसिकता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन आगे वही खिलाड़ी बढ़ता है जो दबाव को संभालना और अपनी सोच को सही दिशा में रखना जानता है।

अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में रेड्डी ने चार ओवर में 31 रन देकर दो अहम विकेट झटके। उन्होंने रहमानुल्लाह गुरबाज को 102 रन के निजी स्कोर पर शानदार इनस्विंगिंग यॉर्कर से आउट कर भारतीय टीम की वापसी कराई। मैच के बाद रेड्डी ने कहा कि एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी जिम्मेदारी केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम की जरूरत के अनुसार हर भूमिका निभाना उनका लक्ष्य है।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा खुद से कहता हूं कि एक ऑलराउंडर के तौर पर मुझे टीम के लिए दोनों विभागों में योगदान देना होगा। कप्तान जब भी गेंद थमाए या टीम को रन की जरूरत हो, मेरा काम उस जिम्मेदारी को निभाना है।” रेड्डी ने आईपीएल में लागू इम्पैक्ट प्लेयर नियम का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ऑलराउंडरों को लगातार चार ओवर गेंदबाजी करने का मौका कम मिलता है। उनके अनुसार, गेंदबाजों और ऑलराउंडरों के विकास के लिए उन्हें पूरे चार ओवर फेंकने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी एक या दो ओवर खराब होने के बाद वापसी करने का मौका नहीं मिलता, जबकि क्रिकेट में सीखने और निखरने के लिए यह बेहद जरूरी है।

तेज गेंदबाज के रूप में अपनी प्रगति का श्रेय रेड्डी ने हाई परफॉर्मेंस और फास्ट बॉलिंग कोच स्टीफन जोन्स के साथ की गई मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में केवल कौशल काफी नहीं है, बल्कि परिस्थितियों को समझकर उनका फायदा उठाना भी जरूरी है। गेंद पुरानी होने पर सही लाइन-लेंथ बनाए रखना और दबाव में भी योजनाओं पर अमल करना एक सफल गेंदबाज की पहचान है।

रेड्डी ने कहा, “भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। लेकिन अगर आपको आगे बढ़ना है तो अपनी मानसिकता पर काम करना होगा। दबाव हर स्तर पर होता है, चाहे वह आईपीएल हो या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट। जो खिलाड़ी दबाव को संभालकर अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखता है, वही रन बनाता है, विकेट लेता है और आगे बढ़ता है।”

भारतीय टीम प्रबंधन भी रेड्डी को भविष्य के महत्वपूर्ण तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में देख रहा है। हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में उन्होंने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई है, उससे टीम को आगामी मुकाबलों के लिए काफी भरोसा मिला है।

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