नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने पिछले 10 महीनों के अपने संघर्ष को याद किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि चोटों से उबरने का दौर शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान कई ऐसे पल आए, जब उन्हें लगा कि उनका पूरा सीजन खत्म हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नीरज ने कहा कि रिकवरी की लंबी प्रक्रिया ने उनके धैर्य की कड़ी परीक्षा ली और एक समय ऐसा भी था, जब उन्हें यह भरोसा नहीं था कि वह इस साल किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाएंगे। हालांकि, तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने वापसी की और ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया। सिल्वर जीतने के कुछ दिन बाद उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने इस सफर की कहानी बताई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चोपड़ा ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “कुछ थ्रो दूर तक जाते हैं, और कुछ पल ऐसे होते हैं जो पूरे सफर का भार अपने ऊपर लिए होते हैं। पिछले 10 महीनों ने मेरी ऐसी परीक्षा ली जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी।” “कई चोटों से उबरना, अपने शरीर को फिर से तैयार करना, अपनी फॉर्म वापस पाना और धैर्य रखकर सीखना, जबकि मैं बस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहता था। मैं हर दिन ट्रेनिंग कर रहा था, बिना यह जाने कि क्या इस साल मेरे पास प्रतियोगिता के लिए सीजन होगा भी या नहीं।”
CWG 2026 में सिल्वर मेडल जीतना दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट के लिए आगे की ओर एक उत्साहजनक कदम था, जो पिछले साल ज्यादातर समय ‘एडक्टर’ चोट और फिटनेस से जुड़ी कई अन्य समस्याओं से परेशान थे। जून में दोहा डायमंड लीग में चौथे स्थान के साथ अपने 2026 एथलेटिक्स सीजन की शुरुआत करने के बाद, चोपड़ा ने मुश्किल मौसम के बावजूद ग्लासगो में पोडियम पर वापसी की। 28 वर्षीय भारतीय एथलीट का यह दौर 2025 सीजन के दौरान बार-बार होने वाली फिटनेस समस्याओं के साथ शुरू हुआ था, और इसके बाद टोक्यो में 2025 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप से पहले उनकी पीठ के निचले हिस्से की चोट और गंभीर हो गई थी।
चोट के बावजूद उन्होंने हिस्सा लिया और आठवें स्थान पर रहे। यह उस एथलीट के लिए एक असामान्य रूप से काफी खराब प्रदर्शन था, जिसने टोक्यो 2020 में ओलंपिक स्वर्ण जीतने के बाद से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शीर्ष दो में स्थान हासिल किया था। चोट के कारण उनके 2026 सीजन की शुरुआत में भी देरी हुई। दोहा डायमंड लीग इस साल उनकी पहली प्रतियोगिता थी।
नीरज चोपड़ा ने अपनी वापसी के सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का दिल से आभार भी व्यक्त किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लिखा, “इस स्तर पर वापस आकर दोबारा प्रतिस्पर्धा करना बेहद अच्छा लग रहा है। यह सफर मैं अकेले तय नहीं कर सकता था। मैं उन सभी लोगों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुश्किल समय में भी मुझ पर भरोसा बनाए रखा।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने विशेष रूप से अपने फिजियो ईशान का जिक्र करते हुए कहा कि रिकवरी के हर चरण में उन्होंने उनका साथ दिया और उन्हें दोबारा वही काम करने में मदद की, जिससे उन्हें सबसे ज्यादा प्यार है। नीरज ने अपने कोच जय का भी धन्यवाद किया, जो उनके साथ उस समय से जुड़े हैं जब उन्होंने पहली बार भाला थामा था। इसके अलावा उन्होंने अपने परिवार का आभार जताते हुए कहा कि परिस्थितियां कैसी भी रही हों, उनका परिवार हमेशा मजबूती से उनके साथ खड़ा रहा।
इस साल की शुरुआत में चेक गणराज्य के दिग्गज कोच जान जेलेज्नी के साथ अपनी कोचिंग साझेदारी समाप्त करने के बाद नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर जय चौधरी के साथ काम करना शुरू किया है। जय वही कोच हैं, जिन्होंने नीरज के करियर के शुरुआती वर्षों में उनकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई थी। भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक नीरज का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 90.23 मीटर है, जो उन्होंने 2025 दोहा डायमंड लीग में हासिल किया था। अब वह पूरी फिटनेस की ओर धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए लॉजेन डायमंड लीग में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। अपने संदेश के अंत में नीरज ने लिखा, “सीजन अभी जारी है, अब एक बार में एक कदम आगे बढ़ना है।”


