नई दिल्ली : भारतीय फुटबॉल को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की गई है। 2026 फीफा विश्व कप फाइनल के आयोजन स्थल न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम से ‘जोर से भारत 2034’ कार्यक्रम लॉन्च किया गया। इस पहल का लक्ष्य भारत में फुटबॉल के विकास को गति देना और आने वाले वर्षों में देश को वैश्विक फुटबॉल मंच पर मजबूत पहचान दिलाना है। कार्यक्रम के जरिए जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तलाशने, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने और भारतीय फुटबॉल के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
युवाओं को मिलेगा मंच, जमीनी स्तर से तैयार होंगे नए फुटबॉलर
इस पहल का मुख्य उद्देश्य देशभर में फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और आधुनिक खेल विज्ञान की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत सार्वजनिक ट्रायल आयोजित किए जाएंगे, जिनमें चयनित खिलाड़ियों को आगे के विकास कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। साथ ही ग्रासरूट स्तर के कोचों को प्रशिक्षित करने, विकास शिविर आयोजित करने और खिलाड़ियों की फिटनेस, पोषण तथा चोट से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
फुटबॉल विकास में पारदर्शिता और सुरक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
आयोजकों के अनुसार, खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए एक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह प्रणाली तैयार की जाएगी। खिलाड़ियों की प्रगति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जबकि कार्यक्रम में भागीदारी, खर्च और विकास संबंधी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाएंगी। इसके अलावा अनुभवी कोच, पूर्व खिलाड़ी, खेल वैज्ञानिक और प्रशासकों को शामिल कर एक स्वतंत्र फुटबॉल एडवाइजरी काउंसिल बनाई जाएगी, जो चयन प्रक्रिया और तकनीकी मानकों की निगरानी करेगी।
फुटबॉल विकास अभियान की वेबसाइट 15 अगस्त से होगी शुरू
इस पहल की आधिकारिक वेबसाइट 15 अगस्त 2026 को लॉन्च की जाएगी। इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रायल की तारीखें, खिलाड़ियों की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पहल से जुड़े नेतृत्वकर्ताओं का कहना है कि भारत में फुटबॉल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें बेहतर कोचिंग, नियमित प्रतियोगिताओं और लंबे समय तक विकास के लिए उचित अवसर देने की है। उनका मानना है कि 2034 फीफा विश्व कप को लक्ष्य बनाकर भारतीय फुटबॉल के विकास को नई गति दी जा सकती है और देश में भविष्य के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने की मजबूत नींव रखी जा सकती है।


