नई दिल्ली: 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 का 16वां संस्करण मंगलवार से तमिलनाडु के कोयंबटूर में शुरू होगा। 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में देशभर की 30 टीमें तीन अलग-अलग डिवीजन में हिस्सा लेंगी। इस बार लागू की गई प्रमोशन और रेलीगेशन प्रणाली के कारण हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। डिवीजन-ए की टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगी, जबकि डिवीजन-बी और डिवीजन-सी की टीमें अगले स्तर पर पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगाएंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जूनियर खिलाड़ियों के लिए यह चैंपियनशिप अपनी प्रतिभा दिखाने और भारतीय हॉकी के भविष्य के सितारे बनने का बड़ा मंच साबित होगी।
डिवीजन-ए में होगी चैंपियन बनने की टक्कर
डिवीजन ‘ए’ में 12 टीमों को तीन-तीन टीमों के चार पूल में बांटा गया है. पूल ए में हॉकी हरियाणा, हॉकी मध्य प्रदेश और हॉकी यूनिट ऑफ तमिलनाडु शामिल हैं. पूल बी में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा, मणिपुर हॉकी और दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव हॉकी की टीमें हैं. वहीं पूल सी में हॉकी पंजाब, हॉकी झारखंड और दिल्ली हॉकी, जबकि पूल डी में उत्तर प्रदेश हॉकी, हॉकी कर्नाटक और हॉकी बंगाल को जगह मिली है.
5 अगस्त से नॉकआउट मुकाबले, खिताब की जंग होगी तेज
लीग चरण के बाद प्रत्येक पूल की शीर्ष दो टीमें 5 अगस्त को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी. इसके बाद 6 अगस्त को सेमीफाइनल मुकाबले होंगे, जबकि 8 अगस्त को तीसरे स्थान का प्लेऑफ और फाइनल खेला जाएगा. वहीं डिवीजन ‘ए’ की सबसे निचली दो टीमें अगले सीजन में डिवीजन ‘बी’ में रेलीगेट हो जाएंगी.
प्रमोशन की राह आसान नहीं, जूनियर हॉकी में होगा जोरदार संघर्ष
डिवीजन ‘बी’ में 10 टीमों को दो पूल में रखा गया है. पूल ए में हॉकी महाराष्ट्र, हॉकी उत्तराखंड, हॉकी जम्मू-कश्मीर, हॉकी हिमाचल और केरल हॉकी शामिल हैं. पूल बी में हॉकी आंध्र प्रदेश, हॉकी चंडीगढ़, हॉकी अरुणाचल, बिहार (बीएसएसए) और छत्तीसगढ़ हॉकी की टीमें हैं. इस डिवीजन की शीर्ष दो टीमें अगले सीजन में डिवीजन ‘ए’ में पहुंचेंगी, जबकि सबसे नीचे रहने वाली दो टीमें डिवीजन ‘सी’ में चली जाएंगी.
डिवीजन-सी की टीमें भी रेस में, आगे बढ़ने के लिए करेंगी संघर्ष
डिवीजन-सी में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें दो पूल में बांटा गया है। पूल-ए में असम हॉकी, गोवा हॉकी, हॉकी राजस्थान और हॉकी मिजोरम की टीमें शामिल हैं, जबकि पूल-बी में तेलंगाना हॉकी, ले पुडुचेरी हॉकी, हॉकी गुजरात और त्रिपुरा ओलंपिक संघ की टीमें खेलेंगी। इस डिवीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाली शीर्ष दो टीमें अगले सत्र में डिवीजन-बी में प्रमोट होंगी। ऐसे में सभी टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
खिताब और प्रमोशन की राह में हर मैच की अहमियत
टूर्नामेंट का आयोजन लीग फॉर्मेट में किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक मैच के परिणाम के आधार पर अंक दिए जाएंगे। जीत दर्ज करने वाली टीम को तीन अंक, मुकाबला ड्रॉ रहने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा, जबकि हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं दिया जाएगा। डिवीजन-ए के नॉकआउट और वर्गीकरण मुकाबलों में यदि निर्धारित समय तक स्कोर बराबर रहता है, तो एफआईएच नियमों के अनुसार शूटआउट के जरिए विजेता का फैसला किया जाएगा।


