एशियाड से पहले बढ़ी परेशानी, भारतीय दल के लिए क्रूज शिप पर कम पड़े 40 कमरे

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नई दिल्ली : एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीमें जापान रवाना होने लगी हैं, पर खिलाडि़यों के ठहरने को लेकर मारामारी की स्थिति बन रही है। खिलाडि़यों को कंटेनर, क्रूज शिप और होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन क्रूज शिप पर भारत के लिए 40 कमरे कम आवंटित किए गए हैं। एक कमरे में दो खिलाड़ी रुकने हैं। ऐसे में 80 खिलाडि़यों के ठहरने की समस्या होगी। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने सोमवार को यह मुद्दा एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) व आयोजन समिति के समक्ष उठाकर  तत्काल हल मांगा है। आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने आयोजकों से कहा है कि भारतीय खिलाडि़यों को ठहरने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए और उनके लिए कमरों की किसी होटल या कहीं अन्य तत्काल व्यवस्था की जाए।

आईओए ने भी तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए आयोजकों से इस बारे में बात की। पीटी उषा ने आयोजकों से कहा है कि अगर कमरे नहीं हैं तो भारतीय खिलाडि़यों के लिए अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था की जाए या फिर वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं। जिससे भारतीय खिलाडि़यों को नागोया पहुंचने पर किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। 19 सितंबर से शुरू हो रहे इन एशियाई खेलों में तकरीबन 500 भारतीय खिलाडि़यों को शिरकत करनी है।

एथलेटिक्स, जूडो, तीरंदाजी समेत भारतीय टीमें स्कूबा यूनिवर्सिटी में तैयारी कर रही हैं। अभी टीमें नागोया में आयोजकों ने निर्धारित कमरों में नहीं ठहराई हैं, लेकिन जब टीमें पहुंचेंगी तो उनके लिए कमरे कम पड़ेंगे। सूत्र बताते हैं कि सोमवार को नागोया पहुंचे भारतीय दल के शेफ डि मिशन सहदेव यादव के भारतीय दल के ठहरने की व्यवस्था का जायजा लेने पर भारतीय दल के लिए क्रूज शिप पर आवश्यकता से कम कमरे बुक होने की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल आईओए को सूचना दी।
जापान की वीजा नहीं लगने से 8 भारतीय एथलीट अब तक एशियाई खेलों में रवाना नहीं हो सके हैं। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ उनके वीजा का इंतजार कर रहा है। अंतिम क्षणों में टिकट पाने वाले अविनाश साबले, पारुल चौधरी व प्रियंका गोस्वामी भी शनिवार को जापान नहीं गए हैं। पिछले एशियाड के स्वर्ण पदक विजेता लंबी दूरी के धावक साबले और पारुल ने बंगलूरू में ही तैयारी करने का फैसला लिया है। जापान में अभ्यास स्थल समुद्र तल से नीचे होने से प्रदर्शन पर असर के डर के चलते दोनों 5-6 दिन बाद जापान जाएंगे। रेस वॉकर प्रियंका के अभी नहीं जाने का कारण स्पष्ट नहीं है।

एएफआई ने अपने एथलीटों को टोक्यो से 85 किलोमीटर दूर स्कूबा यूनिवर्सिटी भेजा है। शुक्रवार को ज्यादातर एथलीट जापान जा चुके हैं, लेकिन लांग लिस्ट से बाहर रहे एथलीटों का वीजा मान्यता कार्ड के साथ लगकर नहीं आया है। इनमें प्रवीण कुमार (हैमर थ्रो), हरिता भद्रा (100 मीटर), किरन पाहल (400 मीटर), आशा इलांगो (ट्रिपल जंप), सिंधु श्री (पोलवॉल्ट), सान्या यादव (डिस्कस थ्रो) हैं। हेप्टाथलन एथलीट अनामिका व हाई जंपर सुप्रिया का भी वीजा नहीं लगा है। एएफआई का मानना है कि सभी का वीजा कुछ दिन में लग जाएगा।

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