NST NEWS, भोपाल। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को भोपाल पहुंचे और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ राज्य शूटिंग अकादमी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके अनुभव जाने और खेल सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से खेल और शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।

शूटिंग अकादमी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने केंद्रीय मंत्री को मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों और अकादमी की विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भोपाल की शूटिंग अकादमी देश की अग्रणी खेल अकादमियों में शामिल है, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। हाल ही में ओलंपिक चयन ट्रायल्स का आयोजन भी इसी अकादमी में किया गया था, जो इसकी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का प्रमाण है।
सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए विभिन्न पदकों और उपलब्धियों की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को नई पहचान मिली है। युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें खेल, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में खेलों को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई और खेल दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि अब विद्यार्थियों को खेल और शिक्षा में से किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं होगी। नई व्यवस्था में दोनों क्षेत्रों को समान महत्व दिया जाएगा। खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष कोर्स तैयार किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी खेल गतिविधियों के साथ शिक्षा भी जारी रख सकें।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एपीएआर (APAAR) आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की शैक्षणिक तथा खेल संबंधी उपलब्धियों का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों का पूरा विवरण एक ही मंच पर उपलब्ध रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि खेल गतिविधियों को अकादमिक क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि खेलों में भागीदारी को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। इससे खेल प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2036 ओलंपिक और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को खेलों के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनना होगा। उन्होंने कहा कि जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करने में युवाओं और खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


