नई दिल्ली : वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगाज अब तक उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड दौरे पर खेली गई अपनी पहली तीन पारियों में वह लगातार बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए हैं। इस दौरान उनकी वही कमजोरी फिर सामने आई है, जो इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान भी देखने को मिली थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने उन्हें लगातार शॉर्ट पिच गेंदों से परेशान किया है। खास बात यह है कि पिछली दोनों पारियों में वह शॉर्ट गेंद का सामना करते हुए ही अपना विकेट गंवा बैठे, जिससे उनकी इस तकनीकी कमजोरी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड सीरीज में अभी तक तीन पारियों में 42 रन ही बनाए हैं। उन्होंने 27 गेंद का सामना किया है जिसमें 5 छक्के और सिर्फ एक चौका उनके बल्ले से निकला है। मगर उनकी सबसे बड़ी दिक्कत शॉर्ट बॉल की समस्या नहीं दूर हो रही है। जोफ्रा आर्चर ने लगातार दूसरी बार वैभव का विकेट झटका है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 इंटरनेशनल में 10 गेंद पर 15 रन ही बनाए हैं। इंटरनेशनल डेब्यू करते हुए मैनचेस्टर में उन्होंने 12 गेंद पर 14 रन बनाए थे। फिर दूसरी पारी में नॉटिंघम में वह 13 रन ही बना पाए थे। नॉटिंघम के बाद ब्रिस्टल में भी वह आर्चर का शिकार बने हैं। आर्चर के खिलाफ वैभव ने 3 पारियों में 13 गेंद पर सिर्फ 18 रन ही बनाए हैं और दो बार उनका शिकार भी वह बने हैं।
क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा अगला मौका?
भारतीय टीम ने तीन महीने पहले विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन की जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया था। हालांकि, वैभव अपनी पहली तीन पारियों में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। उनके बल्लेबाजी के तरीके और शॉट चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिस तेजी से उन्हें टीम में शामिल करने की मांग हुई थी, उसी तेजी से उनकी तकनीकी कमजोरियां भी सामने आने लगी हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अब तक तीन पारियों में केवल 42 रन बनाए हैं और उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू प्रभावशाली नहीं रहा। ऐसे में अब सीरीज के आखिरी टी20 मुकाबले के लिए टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन वैभव पर भरोसा बरकरार रखता है या फिर अनुभवी संजू सैमसन की वापसी होती है।


