नई दिल्ली. वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सोबर्स को क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में गिना जाता है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ओवर की सभी छह गेंदों पर छह छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड सबसे पहले बनाया था। यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन्होंने 1968 में नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ सेंट हेलेन्स मैदान पर हासिल की थी। सोबर्स ने महज 16 वर्ष की उम्र में 1953 में बारबाडोस के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया। अगले ही वर्ष उन्हें वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में जगह मिल गई। 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाते हुए नाबाद 365 रन बनाए। उस समय यह टेस्ट क्रिकेट की एक पारी का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था, जिसे बाद में 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा।
उन्होंने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए और 235 विकेट हासिल किए। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 383 मैचों में 28,000 से अधिक रन बनाए और 1,000 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए। 38 वर्ष की उम्र में 1974 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। क्रिकेट में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें 1975 में ‘सर’ (नाइटहुड) की उपाधि से सम्मानित किया गया, जबकि 2009 में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें सोबर्स को खेलते देखने का अवसर नहीं मिला, लेकिन बचपन से उनके पिता से उनकी महानता की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं और उनका नाम आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।


