नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शुक्रवार को ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत और जूनियर पहलवान नेहा सांगवान पर लगाया गया निलंबन हटा दिया है। इन दोनों पहलवानों को साल की शुरुआत में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान अधिक वजन पाए जाने पर प्रतिबंधित किया गया था। निलंबन समाप्त होने के बाद अब दोनों खिलाड़ी प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के आगामी चरण की नीलामी में हिस्सा लेने के योग्य हो गए हैं।
निलंबन की वजह क्या थी?
पेरिस खेलों के कांस्य पदक विजेता अमन को सितंबर में क्रोएशिया के जगरेब में विश्व चैंपियनशिप के दौरान अधिक वजन के कारण निलंबित कर दिया गया था जबकि नेहा को अगस्त में बुल्गारिया के समोकोव में जूनियर विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद निलंबन सामना करना पड़ा था। दोनों पहलवानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अमन को 22 सितंबर और नेहा को 25 अगस्त को भेजे गए नोटिस के जवाब क्रमशः 28 सितंबर और 18 सितंबर को प्राप्त हुए। जगरेब प्रतियोगिता के लिए नियुक्त कोचों को भी नोटिस जारी किए गए थे।
पहली गलती पर मांगी माफी
डब्ल्यूएफआई के मुताबिक, दोनों पहलवानों ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में स्वीकार किया कि यह उनकी पहली गलती थी और भविष्य में ऐसे नियम उल्लंघन न होने का भरोसा दिया। अनुशासन समिति ने 13 नवंबर को हुई बैठक में उनके जवाबों की समीक्षा की और निष्कर्ष निकाला कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। इसी आधार पर समिति ने उनकी उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए उन पर नरम रुख अपनाने की अनुशंसा की। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने इस सिफारिश को मंजूरी देते हुए निलंबन हटाने और सभी आने वाली प्रतियोगिताओं में भागीदारी की अनुमति प्रदान कर दी। साथ ही महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वजन प्रबंधन या अनुशासन संबंधी दोहराए गए उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


