पेरिस: पेरिस पैरालंपिक के मुकाबले शुरू हो चुके हैं। पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने शुक्रवार को 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 228.7 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया और भारत को कांस्य पदक दिलाया। वहीं, पैरा शूटर अवनि लेखरा ने स्वर्ण पदक जीता। अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में 249.6 का स्कोर बना पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया था। इस बार उन्होंने 249.7 का स्कोर बनाया और अपने ही पैरालंपिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया। दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 246.8 का स्कोर बनाया और रजत पदक हासिल किया।
37 वर्षीय पैरा-शूटर मोना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक में तीन पदक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया है। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में लगातार विजयी प्रदर्शनों के बाद क्वालिफाई करने वाली मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। अब वह मिश्रित 50 मीटर राइफल प्रोन आर6 स्पर्धा और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन आर8 स्पर्धा में भाग लेंगी।
पेरिस पैरालिंपिक में भाग लेने वाले हर एथलीट की अपनी कहानी है। हर कोई उनसे प्रेरणा ले रहा है लेकिन मोना अग्रवाल की कहानी खेल प्रेमियों को अधिक प्रेरित कर सकती है। राजस्थान के सीकर में जन्म लेने वाली मोना का जीवन संघर्षों भरा रहा है। पोलियो की बीमारी के कारण वह बचपन से ही चलने में असमर्थ हो गई थीं। इसके अलावा उनहें लड़कियों के प्रति पूर्वाग्रह के कारण भी समाज के तानों का सामना करना पड़ा। मोना अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। पैरा-शूटर बनने के लिए वह जयपुर चली गईं। उनकी दादी ने उन्हें इसके लिए प्रेरित किया।