आईसीसी ने 18 महिलाओं को चुना; 30 सितंबर से भारत-श्रीलंका की मेजबानी में होगा टूर्नामेंट, प्राइज मनी भी पुरुषों से ज्यादा
नई दिल्ली. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लिए अंपायर और रेफरी का ऐलान कर दिया है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 18 ऑफिशियल्स (14 अंपायर और 4 रेफरी) होंगे और खास बात यह है कि सभी महिलाएं होंगी। टूर्नामेंट के 52 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब अंपायरिंग और रेफरिंग का पूरा जिम्मा महिलाओं को सौंपा गया है। इससे पहले महिला टी-20 वर्ल्ड कप और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐसा प्रयोग सफल हो चुका है।
भारतीय अंपायर और रेफरी की मौजूदगी
इस पैनल में भारत की भी मजबूत मौजूदगी है। अंपायरिंग पैनल में पूर्व भारतीय खिलाड़ी वृंदा राठी, एन जननी और गायत्री वेणुगोपालन को जगह दी गई है। वहीं पहली महिला मैच रेफरी बनने वाली जीएस लक्ष्मी रेफरी पैनल में शामिल हैं। इस तरह कुल चार भारतीय इस ऐतिहासिक पैनल का हिस्सा होंगी। आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि यह फैसला महिला क्रिकेट को नई पहचान देगा और क्रिकेट में समानता के अधिकार को और मजबूत करेगा।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम
विमेंस वनडे वर्ल्ड कप इस बार भारत और श्रीलंका में आयोजित होगा। इसकी शुरुआत 30 सितंबर से होगी। टूर्नामेंट का पहला मैच गुवाहाटी में भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। इसके बाद कई शहरों में मुकाबले होंगे। यह आयोजन महिला क्रिकेट को नए स्तर पर ले जाने के साथ ही दर्शकों के लिए भी खास होगा।
रिकॉर्ड इनामी राशि
इस टूर्नामेंट में इनामी राशि पुरुषों से ज्यादा रखी गई है। आईसीसी ने 1 सितंबर को ऐलान किया था कि विजेता टीम को 4.48 मिलियन डॉलर (करीब 39.55 करोड़ रुपये) मिलेंगे। कुल प्राइज मनी 13.88 मिलियन डॉलर (करीब 122 करोड़ रुपये) होगी। तुलना करें तो 2023 के मेंस वनडे वर्ल्ड कप में करीब 10 मिलियन डॉलर (83 करोड़ रुपये) बांटे गए थे। इस बार महिला क्रिकेटरों को पहली बार ज्यादा इनाम मिलेगा, जो महिला क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
महिला क्रिकेट के लिए नया अध्याय
वर्ल्ड कप में पहली बार पूरा महिला ऑफिशियल पैनल और रिकॉर्ड इनामी राशि, दोनों ही कदम इस बात का संकेत हैं कि महिला क्रिकेट अब तेजी से नए मुकाम छू रहा है। खिलाड़ी ही नहीं, अंपायर और रेफरी भी अपनी भूमिका में मजबूती से सामने आ रही हैं। यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और क्रिकेट जगत में समानता की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।


