नई दिल्ली : साल 2025 भारतीय महिला खेलों के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला वर्ष बन गया। यह केवल जीत और ट्रॉफियों का साल नहीं था, बल्कि उस बदलाव का प्रतीक भी रहा, जिसमें भारतीय बेटियों ने हर खेल, हर मंच और हर चुनौती पर अपनी क्षमता साबित की। क्रिकेट से लेकर कबड्डी, मुक्केबाजी से लेकर शतरंज और दृष्टिबाधित खेलों तक, हर मैदान पर तिरंगे की शान बढ़ी और महिला खिलाड़ियों ने देश को गर्व से भर दिया।
अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा किया
भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप में लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब पहले संस्करण में शेफाली वर्मा की कप्तानी में भारत ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। दो साल बाद, दूसरे संस्करण में निकी प्रसाद के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अपना दबदबा कायम रखते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 20 ओवर में महज 82 रन पर रोक दिया गया, जबकि जवाब में भारत ने केवल 11.2 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। गोंगाड़ी त्रिशा ने तीन विकेट लेने और नाबाद 44 रन बनाने के साथ ऑलराउंड प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द मैच तथा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों अवॉर्ड अपने नाम किए।
भारतीय महिला वनडे टीम ने पहली बार विश्व कप पर कब्जा जमाया
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 52 साल के महिला वनडे विश्व कप इतिहास में पहली बार खिताब जीतकर नया अध्याय रच दिया। 2025 विश्व कप के फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 50 ओवर में सात विकेट पर 298 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रन पर सिमट गई। भारत की इस जीत की असली नायिका दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके और मैच का पासा भारत की ओर कर दिया। दक्षिण अफ्रीका की कप्तान एल वोल्वार्ट की 101 रन की पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी।
भारतीय महिला दृष्टिबाधित टीम बनी पहली टी20 विश्व चैंपियन
भारतीय महिला दृष्टिबाधित टीम ने इतिहास रचते हुए पहले टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया। कोलंबो में खेले गए फाइनल में भारत ने नेपाल को सात विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए नेपाल की टीम पांच विकेट पर 114 रन ही बना सकी। जवाब में भारतीय टीम ने 12 ओवर में तीन विकेट पर 117 रन बनाकर आराम से लक्ष्य हासिल किया और इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की पहली चैंपियन बनी।
विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में चमकीं महिलाएं
विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स 2025 में भारतीय मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और कुल 20 पदक अपने नाम किए, जिनमें नौ स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य पदक रहे। महिला वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), निकहत जरीन (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लैम्बोरिया (57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), नूपुर शेओरेन (80+ किग्रा), प्रवीण (60 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), नीरज फोगाट (65 किग्रा) और सावित्री बूरा (75 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने लगातार दूसरी बार विश्व कप पर कब्जा
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए कबड्डी विश्व कप में लगातार दूसरी बार खिताब जीत लिया। फाइनल में भारत ने चीनी ताइपे को 35–28 से हराया। टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया और ग्रुप स्टेज के सभी मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहां उन्होंने ईरान को 33–21 से मात दी। चीनी ताइपे भी अपराजित रही, लेकिन निर्णायक मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी काबिलियत साबित करते हुए खिताब अपने नाम किया।
शतरंज में भारतीय बेटियों ने लहराया परचम
2025 में भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम मजबूती से ऊंचा किया। युवा ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख ने महिला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया और यह साबित किया कि नई पीढ़ी अब विश्व स्तर पर खिताब जीतने में पूरी तरह सक्षम है। वहीं, अनुभवी खिलाड़ी आर. वैशाली ने महिला ग्रैंड स्विस जैसे बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर भारतीय महिला शतरंज की गहराई दिखाई। इसके अलावा, ईशा शर्मा ने महिला ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी। कुल मिलाकर, 2025 भारतीय महिला शतरंज के लिए आत्मविश्वास, निरंतरता और ऐतिहासिक सफलताओं का साल साबित हुआ।


