नई दिल्ली : सिर्फ 12 साल की उम्र में अर्जेंटीना के फॉस्टिनो ओरो ने वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जिसका सपना दुनिया के बड़े-बड़े शतरंज खिलाड़ी देखते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘चेस का मेसी’ कहे जाने वाले ओरो भले ही अमेरिका के अभिमन्यु मिश्रा का सबसे कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए, लेकिन उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से शतरंज की दुनिया में इतिहास जरूर रच दिया है।
इटली में आयोजित सार्डिनिया वर्ल्ड चेस फेस्टिवल में तीसरा और अंतिम GM नॉर्म हासिल करते ही ओरो शतरंज इतिहास के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गए। कुछ चीजें शायद होनी ही नहीं होतीं और घड़ी ही इस अर्जेंटीनाई जीनियस की सबसे बड़ी दुश्मन थी। फॉस्टिनो ओरो 12 साल, छह महीने और 26 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब पाने वाले इतिहास के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘शतरंज का मेसी’ कहे जाने वाले फॉस्टिनो ओरो 13 साल की उम्र पूरी करने से पहले यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के सिर्फ सातवें खिलाड़ी बन गए हैं। इस खास सूची में अमेरिका के अभिमन्यु मिश्रा, रूस के सर्गेई कारजाकिन, भारत के डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंद, तुर्किये के यागिज कान एर्दोगमुस तथा उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव जैसे नाम शामिल हैं। मार्च 2026 में ओरो शतरंज के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने से केवल एक जीत दूर थे, लेकिन इसी दौरान रूसी किशोर एलेक्सी ग्रेबनेव ने उनके इस शानदार सफर में बाधा डालते हुए ‘विलेन’ की भूमिका निभाई और उनका सपना थोड़ा और आगे खिसका दिया।
मॉस्को में 2026 एयरोफ्लोट ओपन के फाइनल राउंड में पहुंचते हुए, ग्रेबनेव पर जीत ओरो को उनका तीसरा और आखिरी GM नॉर्म दिला देती। ऐसा होने पर वह 12 साल, चार महीने और 19 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर बन जाते, जो कि मौजूदा रिकॉर्ड-होल्डर अभिमन्यु मिश्रा से महज छह दिन कम है। किसी आम 12 साल के बच्चे को यह बात समझाना एक मुश्किल काम होता, लेकिन ओरो कोई आम 12 वर्षीय बच्चा नहीं है। अपनी उम्र से कहीं ज्यादा समझदार ओरो ने इस दिल तोड़ने वाली हार को सहजता से स्वीकार किया।
हार के बाद स्पेनिश अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी EFE से बात करते हुए फॉस्टिनो ओरो ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर मैंने बुरा नहीं खेला, लेकिन आज मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। सच कहूं तो मैंने काफी खराब खेला। अच्छी बात यह है कि मुझे शायद जल्द ही ‘नॉर्म’ मिल जाएगा। भले ही रिकॉर्ड न बने, लेकिन मैं जल्द ही ग्रैंडमास्टर बन जाऊंगा।”
ब्यूनस आयर्स के इस लड़के के नाम शतरंज के इतिहास में 12 साल से कम उम्र के पहले ऐसे खिलाड़ी का रिकॉर्ड था, जिसकी रेटिंग 2500 से ज्यादा थी। इससे पहले, जून 2024 में उन्होंने दुनिया के सबसे कम उम्र के ‘इंटरनेशनल मास्टर’ का रिकॉर्ड तोड़ा था। तब फॉस्टिनो ओरो ने 10 साल, आठ महीने और 16 दिन की उम्र में अपना आखिरी ‘नॉर्म’ हासिल किया था। हालांकि, उनके IM रिकॉर्ड को अब रूस के 10 साल के रोमन शोग्दझिएव ने तोड़ दिया है। रोमन ने यह उपलब्धि सिर्फ 10 साल, तीन महीने और 21 दिन की उम्र में हासिल की, यानी वह ओरो से पूरे पांच महीने छोटे थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फॉस्टिनो ओरो ने बातचीत में अपनी खेल शैली को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं एक पोजिशनल खिलाड़ी हूं, लेकिन उसमें टैक्टिक्स का भी मिश्रण है। मुझे टैक्टिक्स बहुत पसंद हैं। मेरा मानना है कि मैं एक टैक्टिकल खिलाड़ी भी हूं, लेकिन मैं खुद को डायनामिक खिलाड़ी नहीं मानता। मैं अपने प्रतिद्वंद्वी को 20 चालों में चेकमेट करने की कोशिश नहीं करता। मैं अच्छा शतरंज खेलने और गेम जीतने पर फोकस करता हूं।”


