नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मुकाबले में कंगारू टीम की शुरुआत बेहद शानदार रही। कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया और ओपनिंग जोड़ी ने इस फैसले को सही साबित कर दिखाया। ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श दोनों ने शानदार शतक जड़े और अफ्रीकी गेंदबाजों पर जमकर टूट पड़े। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा कर अफ्रीका पर दबाव बना दिया।
मिचेल मार्श ने जहां एक छोर संभाले रखा, वहीं ट्रेविस हेड ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर खबर ली। दोनों के सामने विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और उन्हें समझ ही नहीं आया कि गेंद कहां फेंकें। ट्रेविस हेड ने 103 गेंदों में 142 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का 7वां शतक रहा। हेड की यह पारी साउथ अफ्रीका के खिलाफ किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की तीसरी सबसे बड़ी पारी भी बन गई। उनसे आगे डेविड वॉर्नर ने 2016 में 173 रन और रिकी पोंटिंग ने 2006 में 164 रन बनाए थे।
कप्तान मिचेल मार्श ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 106 गेंदों में 100 रन पूरे किए, जिसमें 6 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का चौथा शतक रहा। ट्रेविस हेड के साथ मिलकर मार्श ने पहले विकेट के लिए 250 रनों की धमाकेदार साझेदारी की और अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आखिरकार केशव महाराज ने ट्रेविस हेड को आउट कर इस बड़ी साझेदारी को तोड़ा और साउथ अफ्रीका को पहली सफलता दिलाई।
22 साल बाद ऐसा नजारा देखने को मिला है, जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ किसी विरोधी टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने शतक जड़े हों। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करते हुए अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर खबर ली। इससे पहले साल 2003 में इंग्लैंड के बल्लेबाज विक्रम सोलंकी (106 रन) और मार्कस ट्रेस्कोथिक (114 रन) ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ शतक बनाए थे। अब 22 साल बाद हेड और मार्श ने उस कीर्तिमान को दोहराकर इतिहास रच दिया है।


