दुबई। एशिया कप का 17वां संस्करण रोमांचक पड़ाव पर पहुंच गया है। 41 साल में पहली बार भारत और पाकिस्तान खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगे। ग्रुप और सुपर-4 स्टेज में भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हराया था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या फाइनल भी एकतरफा होगा या इस बार दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
एशिया कप फाइनल का इतिहास
1984 में पहले एशिया कप में पॉइंट्स टेबल के आधार पर भारत को विजेता घोषित किया गया था। इसके बाद हुए 15 फाइनल में ज्यादातर मुकाबले एकतरफा रहे। सिर्फ दो ही बार फाइनल आखिरी गेंद पर तय हुआ। 2012 में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 2 रन से हराया था, जबकि 2018 में भारत ने बांग्लादेश को आखिरी गेंद पर मात दी थी। बाकी 13 फाइनल बड़े अंतर से जीते गए।
भारत की दबदबे वाली जीतें
भारत ने अब तक 8 बार एशिया कप ट्रॉफी जीती है। 1988, 1991, 1995, 2010, 2016 और 2023 में टीम ने एकतरफा जीत दर्ज की। खासकर 2023 का फाइनल तो पूरी तरह भारत के नाम रहा, जब मोहम्मद सिराज ने 6 विकेट लेकर श्रीलंका को सिर्फ 50 रन पर समेट दिया था। भारत ने बिना विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल किया। यह फाइनल एशिया कप इतिहास के सबसे एकतरफा मैचों में गिना गया।
पाकिस्तान की खिताबी कहानियां
पाकिस्तान ने अब तक 2 बार एशिया कप जीता है। 2000 में टीम ने श्रीलंका को 39 रन से हराया था। 2012 का खिताब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ रोमांचक अंदाज में जीता। हालांकि पाकिस्तान को 3 बार फाइनल में श्रीलंका के हाथों बड़ी हार का सामना भी करना पड़ा। इनमें 1986, 2014 और 2022 के मुकाबले शामिल हैं।
भारत की हारें और श्रीलंका का रोल
भारत ने कुल 10 फाइनल खेले हैं, जिनमें 6 जीते, 1 करीबी रहा और 3 बार टीम को करारी शिकस्त मिली। तीनों बार श्रीलंका ने भारत को हराया। 1997 में 8 विकेट से, 2004 में 25 रन से और 2008 में 100 रन से भारत को हार झेलनी पड़ी। यह आंकड़े बताते हैं कि श्रीलंका अक्सर फाइनल में भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए चुनौती बनी रही है।
क्या मिलेगा 3-0 का मौका?
भारत और पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहले ही दो बार आमने-सामने हो चुके हैं। ग्रुप स्टेज में भारत ने 8 विकेट से और सुपर-4 में 6 विकेट से जीत दर्ज की। अगर भारत फाइनल भी जीत लेता है, तो यह मल्टिनेशन टूर्नामेंट में पहली बार होगा जब कोई टीम 3-0 से क्लीन स्वीप करेगी। अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ है। पाकिस्तान अगर बाजी मार लेता है, तो सीरीज में भले ही भारत 2-1 से आगे रहेगा, लेकिन असली ट्रॉफी पाकिस्तान के पास जाएगी।
क्या इस बार टूटेगा वन-साइडेड ट्रेंड?
अब तक के रिकॉर्ड साफ दिखाते हैं कि एशिया कप फाइनल ज्यादातर एकतरफा रहे हैं। लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबलों का इतिहास यह भी कहता है कि जब stakes सबसे ऊंचे हों, तो नतीजे चौंका सकते हैं। दोनों टीमों के पास दमदार बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार फाइनल सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं, बल्कि यादगार रोमांच भी देगा।


