एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप: भारतीय महिलाओं का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 4 स्वर्ण समेत 10 पदक

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नई दिल्ली : मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा और प्रीति पवार की अगुआई में भारत की चार महिला मुक्केबाजों ने गुरुवार (9 अप्रैल) को मंगोलिया के उलानबटोर में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किए। मीनाक्षी (48 किलोग्राम) और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति (54 किलोग्राम) के साथ प्रिया घंघास (60 किलोग्राम) और विश्व मुक्केबाजी कप की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति चौधरी (70 किलोग्राम) ने शीर्ष स्थान हासिल किया।

भारत को सबसे बड़ा झटका 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लगा, जहां मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया को थाईलैंड की दो बार की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पुनरावी रुएनरोस (पूर्व नाम जुटामास जितपोंग) से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। भारत की अल्फिया पठान (80 किलोग्राम से अधिक) ने भी रजत पदक हासिल किया। चैंपियनशिप में अपने एकमात्र मुकाबले में उन्हें कजाकिस्तान की दीना इस्लम्बेकोवा से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदकों के साथ कुल 10 पदक जीते।

टूर्नामेंट में नियमों के चलते सीधे पदक तक पहुंचीं लवलीना

कुछ भार वर्गों में सीमित भागीदारी के कारण लवलीना बोरगोहेन (75 किलोग्राम), पूजा रानी (80 किलोग्राम) और अल्फिया जैसी खिलाड़ियों को सिर्फ भाग लेने के लिए ही पदक मिल गए। इन भार वर्गों में केवल तीन प्रतियोगी ही थे। मीनाक्षी ने मंगोलिया की नोमुंडारी एन्ख-अमगलान को 5-0 से हराकर भारत के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक जीता और शानदार शुरुआत की।

अरुंधति ने बकित सेइडिश को 4-1 से हराया

प्रीति ने एक और दमदार प्रदर्शन करते हुए अपनी बेहतरीन लय को बरकरार रखा। उन्होंने तीन बार की विश्व चैंपियन और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हुआंग शियाओ-वेन को 5-0 से हराया। इसके बाद प्रिया ने उत्तर कोरिया की वॉन उन-ग्योंग को 3-0 से हराकर अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा, जबकि अरुंधति ने फाइनल में कजाकिस्तान की बकित सेइडिश को 4-1 से हराकर प्रभावित किया।

पुरुष मुक्केबाजी मुकाबलों में दिखेगा दमदार एक्शन

इससे पहले दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन (54 किलोग्राम), अंकुशिता बोरो (65 किलोग्राम), लवलीना (75 किलोग्राम) और पूजा (80 किलोग्राम) को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। अब पुरुष वर्ग में विश्वनाथ सुरेश (48 किलोग्राम) और सचिन सिवाच (60 किलोग्राम) शुक्रवार को अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में उतरेंगे, जहां उनसे मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

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