नई दिल्ली : गत चैंपियन भारत ने शनिवार को पूल ए के कड़े मुकाबले में मेजबान जापान को 2-0 से हराकर एशियन गेम्स 2026 की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत की यह टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत रही और टीम का अजेय अभियान जारी है। इससे पहले भारतीय टीम ने अपने शुरुआती 3 पूल मुकाबलों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। जापान के खिलाफ जीत के साथ भारत ने पूल ए में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
अब सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगा भारत
भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतिम पूल मैच खेलेगा, जिसमें उसके शानदार जीत दर्ज करने की उम्मीद है। जापान के खिलाफ अभिषेक (15वें मिनट) ने मैदानी प्रयास से गोल किया, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। पहले दो क्वार्टर बेहद रोमांचक रहे जिसमें जापान ने अपने आक्रामक खेल से भारत को कड़ी टक्कर दी लेकिन गत चैंपियन ने ब्रेक तक एक गोल की मामूली बढ़त बनाई हुई थी।
पेनल्टी कॉर्नर के मौकों को भुना नहीं पा रहा भारत
भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन नॉकआउट मुकाबलों से पहले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की टीम की क्षमता को लेकर चिंतित होंगे। भारत ने शनिवार को जापान के खिलाफ मुकाबले में कुल 10 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इनमें से सिर्फ 1 को ही गोल में बदल सका। मुकाबले के पहले क्वार्टर में जापान ने 60 प्रतिशत गेंद पर कब्जा बनाए रखा। भारत को छठे मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह इसका फायदा नहीं उठा सके। इसके बाद 10वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने गेंद को गोल में पहुंचा दिया, लेकिन अंपायरों ने इसे अमान्य करार दिया। उनका मानना था कि गोल से पहले गेंद भारतीय खिलाड़ी के पैर से लगी थी।
जापान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह भी उसे गोल में नहीं बदल सका। भारत ने आखिरकार अभिषेक के मैदानी गोल की मदद से बढ़त हासिल की। 17वें मिनट में जापान को अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार बचाव करते हुए खतरा टाल दिया। इसके बाद भारत ने अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर बढ़त मजबूत की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जापानी गोलकीपर की दाईं ओर जोरदार नीची फ्लिक लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया। चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और इस दौरान तेजी से 4 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन जापान की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने भारतीय खिलाड़ी इन मौकों को गोल में बदलने में नाकाम रहे।


