नई दिल्ली: ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर और एनाबेल सदरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले गेंद से पांच विकेट आपस में साझा किए, फिर बल्ले से 180 रनों की नाबाद साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड पर महिला वनडे विश्व कप में बुधवार, 22 अक्टूबर की रात छह विकेट से आसान जीत दिलाई। स्पिनरों अलाना किंग (20 रन पर एक विकेट), सोफी मोलिनक्स (52 रन पर दो विकेट), गार्डनर (39 रन पर दो विकेट) और मीडियम पेसर सदरलैंड (60 रन पर तीन विकेट) ने इंग्लैंड की टीम को टैमी ब्यूमोंट (78) की अर्धशतकीय पारी के बावजूद नौ विकेट पर 244 रनों पर रोक दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 40.3 ओवर में 4 विकेट पर 248 रन बनाकर मैच जीत लिया। यह विश्व कप में इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ सफलतापूर्वक हासिल किया गया सबसे बड़ा लक्ष्य है। इससे पहले का सर्वोच्च लक्ष्य 2013 में ब्रेबोर्न में श्रीलंका ने हासिल किया गया था, जो 239 रन का था। एक समय ऑस्ट्रेलिया ने 24 रन पर तीन और 68 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, लेकिन एनाबेल सदरलैंड ने संयम से नाबाद 98 रन की पारी खेली। एश्ले गर्डनर ने 73 गेंद की नाबाद आक्रामक पारी में 104 रन बनाकर टीम को 57 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।
ऑस्ट्रेलिया ने इस जीत के साथ टूर्नामेंट में अब तक अजेय रहते हुए अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। एश्ले गार्डनर और एनाबेल सदरलैंड के बीच हुई 180 रनों की नाबाद साझेदारी वनडे क्रिकेट में पांचवें या उससे नीचे के विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी बनी। इससे पहले, 2000 विश्व कप में लिंकन में श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की जेन स्मिट और क्लेयर टेलर ने पांचवें विकेट के लिए 188 रनों की नाबाद साझेदारी की थी।
लॉरेन बेल (48 रन पर एक विकेट) और लिंसी स्मिथ (43 रन पर दो विकेट) ने छह ओवर के अंदर तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल में डाल दिया था, लेकिन सात बार की वर्ल्ड चैंपियन ने अपनी मजबूत बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए फिर साबित किया कि टूर्नामेंट में उसके और अन्य टीमों में बड़ा अंतर है। बेथ मूनी (20) ने सदरलैंड के साथ चौथे विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी की और विकेटों के पतन को रोका। एश्ले गार्डनर ने क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख के साथ इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
एश्ले गार्डनर ने अपनी पारी के दौरान मैदान के चारों ओर 16 चौके जड़े, जबकि धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने वाली सदरलैंड ने नौ चौके और एक छक्का जड़ा। एनाबेल सदरलैंड के पास भी शतक पूरा करना मौका था। उन्हें शतक पूरा करने के लिए तीन रन की जरूरत थी और टीम को जीत के लिए दो रन की। हालांकि, एनाबेल सदरलैंड ने एक रन लेकर स्ट्राइक गार्डनर को दे दी जिन्होंने चौके के साथ टीम को जीत दिला दी।
इससे पहले इंग्लैंड के लिए ब्यूमोंट ने 105 गेंद की पारी में 10 चौके और एक छक्का लगाकर एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद रन बनाना जारी रखा। एलिस कैप्सी (32 गेंद में 38 रन) और चार्ली डीन (27 गेंद में 26 रन) ने सातवें विकेट के लिए 52 गेंद में 61 रन की साझेदारी के साथ आखिरी ओवरों में टीम की रन गति को तेज किया।
ब्यूमोंट ने बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर अपनी पहली ही गेंद को स्क्वायर लेग पर चौका लगाने के बाद किम गार्थ की गेंद पर मिड-विकेट पर शानदार छक्का जड़कर लय में होने का संकेत दिया। दूसरी तरफ एमी जोंस (18) ने मेगन शट की गेंद पर तीन चौके जड़ ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजों को परेशान किया। आत्मविश्वास से भरी ब्यूमोंट ने गार्थ को निशाना बनाना जारी रखते हुए एक ही ओवर में तीन और चौके जड़े।
एनाबेल सदरलैंड ने अपनी शानदार धीमी गेंद पर एमी जोन्स को चकमा देते हुए बोल्ड किया और ब्यूमोंट के साथ उनकी 55 गेंदों में 55 रनों की साझेदारी को तोड़ दिया। ब्यूमोंट ने हालांकि 44 गेंदों में टूर्नामेंट का अपना पहला अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान ब्यूमोंट को हीथर नाइट (20) का साथ मिला और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। हालांकि, सोफी मोलिनक्स ने नाइट को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी, जबकि अलाना किंग ने कप्तान नैट साइवर-ब्रंट (7) को पवेलियन भेजकर इंग्लैंड की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
दबाव के बीच सोफिया डंकले (22) ब्यूमोंट का साथ देने क्रीज पर आईं, लेकिन अलाना किंग और मोलिनक्स की कसी हुई गेंदबाजी के सामने यह जोड़ी रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए दिखी। दोनों ने 42 रन की साझेदारी के लिए 74 गेंद खर्च किये। ब्यूमोंट ने कुछ बाउंड्री लगाकर दबाव कम करने कोशिश की, लेकिन उनका आक्रामक इरादा महंगा साबित हुआ। उन्होंने एनाबेल सदरलैंड की धीमी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन लॉन्ग-ऑन पर जॉर्जिया वोल ने शानदार कैच लपक उनकी शानदार पारी का अंत किया।
एम्मा लैंब (7) एक बार फिर फ्लॉप रहीं और ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं सकीं, जबकि सोफिया डंकले बड़े शॉट खेलने के प्रयास में एश्ले गार्डनर की गेंद पर स्टंप हो गईं। इसके बाद एलिस कैप्सी और चार्ली डीन ने मिलकर कुछ आक्रामक शॉट्स खेले और इंग्लैंड के स्कोर को 240 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।


