IPL के बीच अब डोप टेस्ट का बवाल: यशस्वी जायसवाल समेत एक महिला क्रिकेटर को भी मिला नोटिस

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नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के दौरान अब तक कई विवाद सामने आ चुके हैं और इसी बीच एक नया मामला भी चर्चा में आ गया है। हालांकि यह विवाद सीधे तौर पर आईपीएल से जुड़ा नहीं है, लेकिन मौजूदा सीजन के बीच इसने क्रिकेट जगत में हलचल जरूर बढ़ा दी है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने अब शानदार फॉर्म में चल रहे यशस्वी जायसवाल को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही एक महिला क्रिकेटर को भी जांच के दायरे में लेते हुए नोटिस भेजा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आपको बता दें कि पिछले महीने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने पंजीकृत परीक्षण पूल (RTP) सूची में बदलाव किए थे। आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को अपने ठिकाने की नियमित जानकारी देनी होती है और तय समय पर डोपिंग टेस्ट के लिए उपलब्ध रहना अनिवार्य होता है। अब पीटीआई व अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यशस्वी जायसवाल को इसका उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है और नाडा द्वारा उनको नोटिस भी भेजा गया है।

भारत की स्टार महिला क्रिकेट शेफाली वर्मा का नाम भी यशस्वी जायसवाल के साथ शामिल है। दोनों के खिलाफ Where About Failure (दिए गए ठिकाने पर नहीं मिलना) का नोटिस एजेंसी द्वारा भेजा गया है और पहला टेस्ट मिस करने का आरोप है। हालांकि, दोनों क्रिकेटरों को सफाई देने का मौका भी मिलेगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यशस्वी और शेफाली दिए गए समय और स्थान पर डोप कंट्रोल ऑफिसर (DCO) के सामने सैंपल के लिए नहीं मौजूद थे। यशस्वी का बीते वर्ष 17 दिसंबर और शेफाली का बीते वर्ष सात नवंबर को डोप टेस्ट होना था लेकिन यह दोनों क्रिकेटर्स अनुपस्थित थे। इसके बाद 18 और 20 फरवरी को दोनों से जवाब मांगा गया लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं आने पर इसे मिस टेस्ट दर्ज किया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “दोनों खिलाड़ियों (यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा) को नोटिस जारी किया गया है और इसकी जानकारी बीसीसीआई तथा आईसीसी को भी दे दी गई है।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “हां, हमें नाडा की तरफ से मिस टेस्ट की सूचना मिली है। हम दोनों खिलाड़ियों से बात कर पूरे मामले की जांच करेंगे और कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने न आए।”

नाडा नियमों के तहत 2 साल तक का प्रतिबंध संभव

नाडा के नियमों के मुताबिक यदि किसी खिलाड़ी के खिलाफ 12 महीनों के भीतर ‘वेयरअबाउट फेल्योर’ के तहत तीन मिस टेस्ट दर्ज हो जाते हैं, तो इसे एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना जाता है। इसके बाद मामले की सुनवाई की जाती है। अगर खिलाड़ी नाडा के सुनवाई पैनल के सामने खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाता, तो उस पर अधिकतम दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा के खिलाफ पहला मिस टेस्ट दर्ज होने के बाद दोनों खिलाड़ियों को अपनी सफाई पेश करने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें सात दिन का समय भी मिला है। इस पूरे मामले की जानकारी बीसीसीआई और आईसीसी को भी दे दी गई है। ऐसे में अब दोनों खिलाड़ियों को काफी सतर्क रहना होगा, क्योंकि अगले 12 महीनों के भीतर यदि दो और मिस टेस्ट दर्ज होते हैं, तो उन पर प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना बन सकती है।

नाडा की निगरानी सूची में 14 क्रिकेटरों के नाम शामिल

नाडा की आरटीपी (रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल) की ताजा सूची में कुल 348 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिसमें 14 भारतीय क्रिकेटरों के नाम भी मौजूद हैं। इस सूची में टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल के अलावा यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा पहले से शामिल हैं। वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के साथ शेफाली वर्मा और रेणुका सिंह ठाकुर का नाम भी इस सूची में दर्ज है।

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