नई दिल्ली: अर्जेंटीना ने सह-मेजबान नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। खिताबी मुकाबले में निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसी के साथ अर्जेंटीना ने पिछले विश्व कप और टोक्यो ओलंपिक-2020 के फाइनल में मिली हार का भी हिसाब बराबर कर लिया। ये तीसरी बार है जब अर्जेंटीना की महिला टीम हॉकी वर्ल्ड कप की चैंपियन बनी है। वहीं उसने सफलतापूर्वक नीदरलैंड्स के वर्चस्व को भी खत्म किया और उसे लगातार चौथा खिताब जीतने से रोका।
गोल के लिए तरसीं दोनों टीमें
मैच में पहला गोल काफी देर से हुआ। दोनों ही टीमों ने काफी प्रयास किए, लेकिन गेंद गोलपोस्ट के अंदर नहीं जा सकी। 30वें मिनट में पहला गोल आया जो किया नीदरलैंड्स की यीब्बी यानसेन ने। विश्व की शानदार ड्रैग फ्लिकरों में शुमार यीब्बी ने ये गोल एक सेट पीस से किया। इसे यीब्बी ने बड़ी खूबसूरती से अंजाम दिया। लग रहा था कि नीदरलैंड्स की टीम 1-0 की बढ़त को कायम रखते हुए एक बार फिर खिताब अपने नाम कर लेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 54वें मिनट में अर्जेंटीना की कप्तान मारिया गारनाट्टो ने रीबाउंड पर गोल करते हुए स्कोर 1-1 से बराबरी पर ला दिया।
शूटआउट में अर्जेंटीना का पलड़ा रहा भारी
मैच का नतीजा अब शूटआउट में आना था और यहां अर्जेंटीना की टीम हावी रही। अर्जेंटीना के लिए विक्टोरिया गारनाटो, ब्रिसा ब्रूगेसर और सोफिया कारियो ने गोल किए। वहीं जोए डिएज का गोल रेफरी ने मान्य नहीं किया। इसी के साथ अर्जेंटीना ने तीसरी बार नीदरलैंड्स को हरा खिताब अपने नाम किया। इससे पहले उसने 2002 और 2010 में खिताबी जीत हासिल की थी।


