– मैदान में खिलाड़ी नहीं, देश का भविष्य दौड़ता है: मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव
– मुख्यमंत्री ने मोबाइल टार्च की रोशनी में कराई सबकी सहभागिता
– बोले- खेल हमारी संस्कृति का मान और पहचान हैं
– पहली बार पिठ्ठी और रस्साकशी जैसे देसी खेलों को मिला बड़ा मंच
एनएसटी न्यूज, भोपाल। जब खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाता है, तो केवल वह अकेला नहीं दौड़ता, बल्कि उसके साथ देश का सुनहरा भविष्य दौड़ता है। यह प्रेरक विचार मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंगलवार शाम राजधानी के टीटी नगर स्टेडियम में ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स-2026’ के राज्य स्तरीय मुकाबलों के विधिवत शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए। रिमझिम बरसात के बीच जब स्टेडियम में मौजूद हजारों युवाओं ने मुख्यमंत्री के आह्वान पर अपने मोबाइल की टार्च जलाई, तो पूरा परिसर सितारों की तरह जगमगा उठा। इस अनूठी और सामूहिक सहभागिता के साथ ही प्रदेश के सबसे बड़े खेल महोत्सव का शंखनाद हो गया।
परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री डा. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अब ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। मध्यप्रदेश इस दिशा में ‘स्पोर्ट्स हब’ बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने घोषणा की कि भोपाल के नाथू बरखेड़ा में लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। यह कॉम्प्लेक्स बनने के बाद भोपाल अपनी झीलों की खूबसूरती के साथ-साथ ‘खेलों के शहर’ के रूप में भी वैश्विक पहचान बनाएगा। इस बार खेलों में खास बात यह है कि क्रिकेट और थ्रो बाल के साथ-साथ पिठ्ठी और रस्साकशी जैसे पारंपरिक ग्राम्य खेलों को भी पहली बार संस्थागत मंच प्रदान किया गया है।

कैलाश खेर की ‘कैलासा’ ने बांधा समां
समारोह का मुख्य आकर्षण पद्मश्री कैलाश खेर और उनके म्यूजिक बैंड ‘कैलासा’ की लाइव प्रस्तुति रही। उनकी बुलंद आवाज और सूफी संगीत के जादू ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भर दी। जब उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत छेड़े, तो खिलाड़ी और दर्शक अपनी सीटों पर थिरकने लगे। इससे पहले ‘मैदान से मेडल तक’ नामक एक विशेष नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसने खिलाड़ियों के संघर्ष, परिश्रम और सफलता की कहानी को बेहद भावुक और रोमांचक अंदाज में पेश किया। कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री डा. मनसुख मांडविया ने वीडियो संदेश के जरिए करीब एक लाख खिलाड़ियों के इस जुड़ाव को मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि बताया।

खेल मंत्री का संकल्प, नंबर-1 बनेगा मध्यप्रदेश
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डा. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश खेलों के मामले में देश में तीसरे स्थान पर आ गया है, जबकि कुछ समय पहले तक हम 16वें पायदान पर थे। उन्होंने संकल्प दोहराया कि अब हर विधानसभा में एक खेल परिसर बनाया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। हमारा अगला लक्ष्य मध्यप्रदेश को खेलों में देश का नंबर-1 राज्य बनाना है।

आतिशबाजी के बीच खिलाड़ियों ने ली शपथ
शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के नौ संभागों के खिलाड़ियों द्वारा भव्य मार्च पास्ट किया गया। सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में हुई आकर्षक आतिशबाजी ने राजधानी के आसमान को सतरंगी रोशनी से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, उदय प्रताप सिंह, चैतन्य काश्यप सहित कई विशिष्ट जन मौजूद रहे।


