पिछले दो सीजन में फाइनल से चूकने वाली टीम इस बार पूरी तैयारी और मजबूत संयोजन के साथ मैदान में उतरेगी।
उज्जैन। मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) 2026 के आगाज से पहले ग्वालियर चीता टीम ने शनिवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। टीम के कप्तान रजत पाटीदार, मुख्य कोच आदित्य श्रीवास्तव, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचकर सफल और यादगार सत्र की कामना की। नए सीजन की शुरुआत से पहले यह दौरा टीम के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है। जेकेसी स्पोर्ट्स के स्वामित्व वाली ग्वालियर चीता टीम पिछले दो सत्रों से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। हालांकि 2024 और 2025 में टीम फाइनल में जगह बनाने से बेहद कम अंतर से चूक गई थी। ऐसे में इस बार टीम पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।
खिलाड़ियों और प्रबंधन का लक्ष्य केवल अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि खिताब जीतकर अपने प्रशंसकों को खुशी देना है।महाकाल मंदिर में दर्शन के दौरान खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए आशीर्वाद लिया। टीम प्रबंधन का मानना है कि खेल में प्रतिभा और मेहनत के साथ मानसिक मजबूती भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से पूरे दल ने एक साथ मंदिर पहुंचकर सीजन की शुरुआत सकारात्मक माहौल में करने का प्रयास किया।
ग्वालियर चीता की सबसे बड़ी ताकत उसकी संतुलित टीम मानी जा रही है। टीम की कमान भारतीय घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके स्टार बल्लेबाज रजत पाटीदार के हाथों में है। पाटीदार का अनुभव और नेतृत्व क्षमता टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मध्य प्रदेश और सेंट्रल जोन के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले पाटीदार से इस बार भी बड़ी उम्मीदें हैं। टीम के गेंदबाजी आक्रमण में भी दम दिखाई देता है। पिछले संस्करण में 14 विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट लेने वाले मंगेश यादव एक बार फिर टीम का हिस्सा हैं। उनके अनुभव और फॉर्म से ग्वालियर चीता को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा टीम में कई युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो अवसर मिलने पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
ग्वालियर चीता के मुख्य कोच आदित्य श्रीवास्तव हैं। उनकी कप्तानी में मध्य प्रदेश ने वर्ष 2022 में 69 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। क्रिकेट की गहरी समझ और नेतृत्व अनुभव के कारण उन्हें प्रदेश के सबसे सफल क्रिकेट दिमागों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन करना पूरे दल के लिए विशेष अनुभव रहा। टीम ने पिछले दो वर्षों में अच्छा क्रिकेट खेला है, लेकिन इस बार लक्ष्य उससे भी बेहतर प्रदर्शन करना है। श्रीवास्तव ने कहा कि टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है। रजत पाटीदार जैसे कप्तान का साथ टीम के लिए बड़ी ताकत है। उनके नेतृत्व से खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलेगा और टीम कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेगी।
एमपीएल 2026 में ग्वालियर चीता अपना पहला मुकाबला 3 जून को उज्जैन फाल्कंस के खिलाफ इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेलेगी। इसके बाद टीम भोपाल लेपर्ड्स, मालवा स्टैलियंस, चंबल घड़ियाल्स, बुंदेलखंड बुल्स, रीवा जगुआर्स, जबलपुर रॉयल लायंस, इंदौर पिंक पैंथर्स और रॉयल निमाड़ ईगल्स जैसी टीमों से मुकाबला करेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बार ग्वालियर चीता पर टिकी हैं। लगातार दो सीजन में फाइनल के करीब पहुंचने वाली यह टीम इस बार खिताब जीतने के प्रबल दावेदारों में शामिल मानी जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रजत पाटीदार की अगुवाई में ग्वालियर चीता एमपीएल 2026 में कितना सफल अभियान चलाती है।


