नई दिल्ली: भारत बनाम इंग्लैंड अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद थी, लेकिन मैच एकतरफा साबित हुआ। टीम इंडिया के शानदार और दमदार प्रदर्शन के आगे इंग्लैंड की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई। भारतीय खिलाड़ियों ने हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाते हुए अंग्रेजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। नतीजतन भारत ने एक बार फिर अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया और फाइनल मुकाबला 100 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपनी बादशाहत साबित की।
अंडर 19 विश्व कप के फाइनल में भारत और इंग्लैंड का सामना हुआ। इसमें भारतीय टीम के कप्तान आयुष ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जहां एक ओर वैभव सूर्यवंशी धीमा खेल रहे थे, वहीं एरॉन जार्ज केवल 9 ही रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन इसके बाद जब वैभव को कप्तान आयुष का साथ मिला तो वैभव ने अपना चिरपरिचित आक्रामक रुख अख्तियार किया और धमाकेदार तरीके से रन बनाने शुरू कर दिए। आयुष भी आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे थे। वैभव सूर्यवंशी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहले अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद शतक की ओर बढ़ गए
इस बीच टीम इंडिया को झटका लगा जब कप्तान आयुष आउट हो गए। आयुष ने 51 गेंदों पर 53 रनों की अहम पारी खेली। हालांकि, इसका असर वैभव की बल्लेबाजी पर बिल्कुल नहीं पड़ा। वैभव ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए सिर्फ 55 गेंदों में शानदार शतक जड़ दिया। इसके बाद भी उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया और और भी तेज़ गति से रन बनाते हुए 150 रन के आंकड़े को पार कर लिया। वैभव एक के बाद एक नए कीर्तिमान रचते जा रहे थे, जबकि अंग्रेज गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आ रहे थे।
इंग्लैंड के चेहरे पर उस वक्त कुछ राहत दिखाई दी, जब वैभव सूर्यवंशी 175 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर आउट हो गए। हालांकि इसके बाद भी भारतीय बल्लेबाजों ने आखिरी में भी रन बनाए और 400 का आंकड़ा पार कर लिया। भारत ने 50 ओवर खत्म होते होते 411 रन बना दिए थे। इसके बाद ही ये लगने लगा था कि टीम इंडिया अब इस मैच को जीत जाएगी। फाइनल में 400 से अधिक रन चेज करना कोई आसान काम नहीं होता।
इसके बाद जब इंग्लैंड की बल्लेबाजी शुरू हुई तो एक एक कर बल्लेबाज आते रहे और आउट होकर पवेलियन जाते रहे। इंग्लैंड ने पहले तीन ओवर में केवल दो ही रन बनाए थे। इसके बाद जैसे ही इंग्लैंड ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की तो विकेट गिरने शुरू हो गए। बीच बीच में छोटी छोटी साझेदारियां हुईं, लेकिन वे इंग्लैंड के लिए नाकाफी साबित हुईं।
इंग्लैंड की टीम अपने निर्धारित 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और उससे पहले ही पूरी टीम आउट हो गई। इंग्लैंड की ओर से कुल मिलाकर 311 रन ही बन पाए, जिसके बाद भारत ने न सिर्फ फाइनल मुकाबला बल्कि अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब भी अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम की सबसे खास बात यह रही कि उसने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए ट्रॉफी जीती। इंग्लैंड की टीम भी फाइनल से पहले तक एक भी मैच नहीं हारी थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में उनका विजयी अभियान थम गया। इस जीत के साथ भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने का गौरव हासिल किया।


