नई दिल्ली : भारतीय महिला हॉकी टीम हाल ही में अर्जेंटीना दौरे पर भले ही सीरीज अपने नाम नहीं कर सकी, लेकिन इसे टीम हार के रूप में नहीं बल्कि सीख के तौर पर देख रही है। टीम की फॉरवर्ड मुमताज खान का मानना है कि दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल अर्जेंटीना के खिलाफ खेलना खिलाड़ियों के लिए बेहद मूल्यवान अनुभव रहा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब टीम का पूरा ध्यान आगामी बड़े टूर्नामेंट्स पर है, जहां भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हुए मजबूत नतीजे देने के लिए तैयार हैं
जहां भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हुए ठोस नतीजे देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुमताज खान ने महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 और एशियन गेम्स की तैयारियों को लेकर भी खुलकर बातचीत की। मुमताज खान ने अर्जेंटीना दौरे के बारे में बताया, ‘‘मैच खेलकर काफी सारा अनुभव मिला है। दुनिया की नंबर दो टीम के साथ मैच खेलने के बाद बहुत आत्मविश्वास आया है। हमारी टीम वैसे भी क्वालिफायर में खेली थी। वहां भी अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि, उससे अच्छे हमें अभी चार मुकाबले खेलने को मिले।’’
मुमताज खान का बयान- अर्जेंटीना दौरे से मिला सबक
36 घंटे का सफर पड़ा भारी! मुमताज ने बताई हार की वजह
मुमताज खान बोलीं- वीडियो देखकर सुधारी अपनी गलतियां
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुमताज ने बताया, ‘‘हम एक टीम के रूप में यह सोचकर गए थे कि हमें यह देखना है कि कहां अच्छा कर सकते हैं और बतौर डिफेंडर, बतौर मिडफील्डर कहां और बेहतर कर सकते हैं। …तो हम लोगों से डिफेंस और अटैक में थोड़ी गलती की। अटैकिंग में भी काफी सारे शॉट ऑन गोल थे, लेकिन वह गोल में बदल नहीं हो पाए। जो मैच हमने गंवाया हमारे कोच ने उसकी वीडियो क्लिप दिखाई। अगले मैच में हम लोगों ने उस चीज को स्वीकार किया कि हां हम यहां पर उपलब्ध रह सकते हैं। उस मैच में हमने वही काम किया तो बतौर टीम नतीजा लेकर आये।’’
पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने की समस्या से कैसे निजात पाई जा सकती है, इस सवाल के जवाब में मुमताज ने बताया, ‘‘नहीं…, हमारा पीसी (पेनल्टी स्ट्रोक) बहुत इम्प्रूव हुआ है। अभी दीपिका ने भी ड्रैग में काफी इम्प्रूव किया है। अभी जब भी वह ड्रैग लेती है तो टीम को यह विश्वास रहता है कि वह गोल करेगी। हमारे पास हिटर भी हैं।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुमताज ने बताया, ‘‘नवनीत दीदी हैं, वह भी बहुत कॉन्फिडेंस देती हैं कि पीसी में गोल होगा। हमें अगर पीसी मिला है तो हमने उसे गोल में बदला है। अभी ऐसा नहीं है कि भारत पीसी में बहुत पीछे है। मुझे ऐसा नहीं लगता। अभी हमें इम्प्रूव किया है, लेकिन हां, अब आगे बढ़ने का समय है।’’ सलीमा टेटे के गैरमौजूदगी में अर्जेंटीना के खिलाफ सीरीज में नवनीत ने ही भारतीय हॉकी टीम की कमान संभाली थी।
टीम में बढ़ी सजगता, सभी खिलाड़ी सतर्क: मुमताज खान
मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए एशियाई खेलों और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत को किस स्थिति में देखती हैं? इस पर मुमताज खान बोलीं, ‘‘हमने कई क्षेत्रों में सुधार किये हैं। फिटनेस में भी काफी इम्प्रूव हुई है। व्यक्तिगत रूप से हर खिलाड़ी भी खुद पर काम कर रहा है। हर खिलाड़ी खुद को लेकर गंभीर है। पूर्व में हम अपनी गलतियों के कारण कई टूर्नामेंट में नहीं खेल पाये। इसको ध्यान में रखते हुए टीम का हर खिलाड़ी बहुत चौकन्ना है।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 15 जनवरी 2003 को जन्मीं मुमताज खान ने बताया, ‘‘कोचिंग की दृष्टि से देखें तो अभी सारा कुछ अच्छा ही चल रहा है। अब हमारे हाथ में है। बतौर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी लेना है। हम अगर व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेंगे तभी टीम की जिम्मेदारी ले सकते हैं। कोचेस तो अपना काम कर रहे हैं, लेकिन अब नतीजा लाकर देना हमारा ही काम है। चूंकि काम तो सब करते हैं, लेकिन जब तक नतीजा नहीं आएगा तब तक कोई भी वैल्यू नहीं होती है।’’
मुमताज खान बोलीं- खुद को मेडल के साथ देखना चाहती हैं
वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में भारत के पदक के रंग को लेकर पूछे गए सवाल पर मुमताज खान ने कहा कि हर टीम का सपना होता है गोल्ड मेडल जीतना। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि भारतीय टीम भी चाहती है कि वह एशियन गेम्स या वर्ल्ड कप से पदक जीतकर ही लौटे और खिलाड़ी खुद को मेडल के साथ देखना चाहते हैं।
वेव्रे (बेल्जियम) और एमस्टेलवीन (नीदरलैंड्स) में 14 से 30 अगस्त 2026 तक महिला हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन होगा। इसके बाद जापान के आइची और नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक एशियन गेम्स खेले जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चुनौती देने वाली टीमों के बारे में पूछे जाने पर मुमताज ने कहा कि वर्तमान में सभी टीमें मजबूत हैं और जो अंत तक संघर्ष करता है, वही जीतता है। उन्होंने कहा कि कोई एक टीम सबसे बेहतर है, ऐसा नहीं कहा जा सकता क्योंकि असली फर्क 60 मिनट के खेल के बाद ही पता चलता है।


