नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ खेलों के चौथे दिन रविवार (27 जुलाई) को भारतीय वेटलिफ्टरों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत को वेटलिफ्टिंग में तीसरा और कुल चौथा पदक दिलाया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ग्लासगो में अपने कॉमनवेल्थ खेलों के पदार्पण को यादगार बनाते हुए राजा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और भारत की पदक तालिका में एक और अहम सफलता जोड़ी।
मुथुपांडी ने स्नैच में 126 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 160 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने कुल 286 किलोग्राम का वजन उठाया। मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ कुल 299 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारू ने 282 किग्रा के कुल भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
2022 की निराशा के बाद 2026 में चमके राजा मुथुपांडी
26 साल के इस खिलाड़ी की 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्नैच के दौरान दाहिनी कोहनी में लिगामेंट फट गया था, जिसके लिए सर्जरी की जरूरत पड़ी थी। इसके बाद वह लंबे समय तक ट्रेनिंग नहीं कर पाए। उन्होंने 2021 नेशनल चैंपियनशिप में वापसी की थी, जहां वह तीसरे स्थान पर रहे। वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के लिए क्वालिफाई करने से चूक गए थे।
पदक तालिका में भारत आठवें स्थान पर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता। ऋषिकांत सिंह ने रजत पदक दिलाया। भारत को पहला पदक शुक्रवार को पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर दिलाया था। वेटलिफ्टर्स के दबदबे से भारत की पदक संख्या बढ़कर चार (एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य) हो गई। पदक तालिका में भारत आठवें स्थान पर है।
कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी दावेदारी मजबूत की। जदुमणि सिंह ने पुरुष वर्ग के मुकाबले में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं, एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए आसान जीत दर्ज की और अंतिम-आठ में प्रवेश किया। एसईसी सेंटर में गूंजते ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया-इंडिया’ के नारों के बीच सेना के मुक्केबाज जदुमणि ने अपनी बेहतरीन तकनीक, तेज गति और रिंग पर शानदार नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और प्रभावशाली जीत हासिल की।


