नई दिल्ली : पंजाब किंग्स की शानदार शुरुआत के बाद अब टीम की लय अचानक बिगड़ती नजर आ रही है। सीजन के शुरुआती 40 मुकाबलों तक एक भी मैच नहीं हारने वाली पंजाब किंग्स को अब 55 मैचों के बाद लगातार चार हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार ने पंजाब की प्लेऑफ की राह को और मुश्किल बना दिया है। दूसरी ओर दिल्ली की इस जीत ने टॉप-4 में मौजूद टीमों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि अभी तक किसी भी टीम ने आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ के लिए अपनी जगह पक्की नहीं की है।
55 मैचों के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अंकतालिका में टॉप पर जरूर है, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के भी बराबर अंक हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि बेंगलुरु को अभी हैदराबाद से भिड़ना है, जबकि हैदराबाद का मुकाबला गुजरात से भी होना बाकी है। ऐसे में प्लेऑफ की रेस बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां एक हार भी टीमों की पोजिशन पूरी तरह बदल सकती है। इस स्थिति को देखते हुए सनराइजर्स हैदराबाद के लिए दोनों मुकाबले जीतना बेहद अहम माना जा रहा है।
प्लेऑफ के समीकरण पर डालिए एक नजर
प्लेऑफ के समीकरण की बात करें तो मौजूदा स्थिति के मुताबिक आरसीबी, हैदराबाद और गुजरात के अभी 3-3 मैच बाकी हैं। अगर इनमें से कोई भी टीम सभी मैच जीती तो सीधे-सीधे 20 अंक के साथ प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। वहीं 18 अंक हासिल करने वाली टीमों के बीच नंबर 2 व नंबर 3 के लिए जंग हो सकती है। ऐसे में नेट रनरेट का भी खेल अहम होगा।
RCB के लिए प्लेऑफ में पहुंचने का क्या है रास्ता?
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए प्लेऑफ का समीकरण काफी हद तक साफ है। टीम को सुरक्षित स्थिति में पहुंचने के लिए अपने बचे हुए तीनों मुकाबले जीतने होंगे। 20 अंकों तक पहुंचने की दौड़ में एक भी हार आरसीबी की मुश्किलें बढ़ा सकती है। अगर डिफेंडिंग चैंपियन टीम अपने बाकी तीन मैचों में से दो मुकाबले भी जीतती है, तो उसे नेट रनरेट मजबूत रखना बेहद जरूरी होगा। इसी आधार पर बेंगलुरु प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर सकती है। हालांकि, अगर टीम तीन में से दो मैच हार जाती है, तो उसके क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है।
PBKS, CSK, RR और केकेआर के लिए अभी रास्ता खुला जरूर है लेकिन मुश्किल हो चुका है। क्योंकि आरसीबी, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस की स्थिति मजबूत है इनमें से कोई दो टीमें टॉप 2 स्थान पर कब्जा कर सकती हैं। बाकी टीमों के बीच बचे हुए दो स्थानों की जंग रोचक होगी। सीएसके के तीन मैच बाकी हैं और उसे 18 अंक के लिए सभी मैच जीतने होंगे। अगर सीएसके 18 अंक तक पहुंची तो प्लेऑफ में जगह बना सकती है।
केकेआर के भी चार मैच बाकी हैं और उसके 9 अंक हैं। अगर कोलकाता सभी चार मैच जीती तो 17 अंक के साथ नंबर 4 की प्रबल दावेदार बन सकती है, मगर उसे चेन्नई की हार की भी कामना करनी पड़ेगी। पंजाब किंग्स को लगातार चार हार जरूर मिली हैं लेकिन फिर भी उसका रास्ता खुला है। पंजाब के 11 मैचों में 13 अंक हैं। अगर टीम बचे हुए तीनों मैच जीतेगी तब भी 20 अंक तक नहीं जा पाएगी लेकिन 19 अंक हासिल कर सकती है।
पंजाब किंग्स के लिए अब असली चुनौती टॉप-2 में अपनी जगह बनाए रखने की होगी। दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने भले ही पंजाब के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की हो, लेकिन प्लेऑफ की राह उसके लिए अब भी कठिन बनी हुई है। अगर दिल्ली अपने बचे हुए दोनों मुकाबले जीत भी लेती है, तब भी टीम अधिकतम 14 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। आमतौर पर 14 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाना बेहद मुश्किल माना जाता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर दिल्ली कैपिटल्स अभी भी प्लेऑफ की दौड़ से बाहर नहीं हुई है।


