नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के लीग स्टेज के 56 मुकाबले पूरे हो चुके हैं और अब सिर्फ 14 मैच बाकी हैं। हालांकि अभी तक किसी भी टीम ने आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ में जगह पक्की नहीं की है, लेकिन गुजरात टाइटंस और डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर ली है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस लगभग प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें भी बेहद कम नजर आ रही हैं। ऐसे में अब टॉप-4 की जगह के लिए मुख्य मुकाबला सात टीमों के बीच देखने को मिल रहा है।
अब अगर प्रत्येक टीम के कितने प्रतिशत आसार प्लेऑफ में पहुंचने या टॉप 2 में फिनिश करने के हैं, उसकी बात करें तो गुजरात टाइटंस ने 16 अंक हासिल कर स्थिति मजबूत कर ली है। गुजरात टाइटंस के दो मैच अभी बाकी हैं और अगर टीम दोनों मैच जीती तो 20 अंक के साथ बिना किसी खतरे के प्लेऑफ में पहुंच सकती है। आरसीबी की भी स्थिति मजबूत लग रही है, बस उसे भी अपने मुकाबले जीतने होंगे। चैट जीपीटी की एनालिसिस (Probability के Calculations) के हिसाब से किस टीम के कितने प्रतिशत आसार हैं प्लेऑफ में पहुंचने के वह जानते हैं:-
IPL 2026 प्लेऑफ के लिए किसके पास कितना मौका?
- गुजरात टाइटंस (GT): गुजरात टाइटंस का अब एक मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स और एक चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बाकी है। टीम ने 12 मैचों में 16 अंक हासिल कर लिए हैं और उसकी स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। अगर गुजरात अपने बचे हुए दो मुकाबलों में से सिर्फ एक भी जीत लेती है, तो उसकी प्लेऑफ में जगह लगभग तय हो जाएगी। यहां तक कि दोनों मैच हारने की स्थिति में भी टीम प्लेऑफ की दौड़ में बनी रहेगी। इसी वजह से गुजरात टाइटंस के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना करीब 98.17 प्रतिशत मानी जा रही है। हालांकि, टीम किस स्थान पर फिनिश करेगी यह अभी तय नहीं है। अगर गुजरात टॉप-2 में अपनी जगह पक्की करना चाहती है, तो उसे हर हाल में कम से कम एक और बेहतर स्थिति के लिए दोनों मुकाबले जीतने होंगे।
- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के 88.47 प्रतिशत आसार हैं कि वह प्लेऑफ में पहुंच सकती है। उसके बचे हुए तीन मैच केकेआर, पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद से होने हैं। मैच तीनों कठिन हैं लेकिन अगर टीम दो मैच भी इसमें से जीतती है तो प्लेऑफ की दावेदार रहेगी। हां अगर टीम ने तीनों मुकाबले हारे या दो में हार मिली तो और टीमों के चांस बन सकते हैं।
- पंजाब किंग्स (PBKS): पंजाब किंग्स के तीन मैच बाकी हैं और अच्छी बात यह है कि उसमें से दो मैच बाहर होने वाली टीमें लखनऊ और मुंबई से होने हैं। ऐसे में यह टीम अभी 73.27 प्रतिशत संभावना के साथ प्लेऑफ में जगह बना सकती है। हालांकि, एक मैच पंजाब का आरसीबी से भी होगा। अगर पंजाब ने बचे हुए दो मैच भी जीते तो उसके 17 अंक हो जाएंगे। अगर तीनों मैच टीम जीती तो टॉप 2 की भी दावेदार हो सकती है।
- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH): सनराइजर्स हैदराबाद दो दिन पहले तक टॉप पर थी और प्लेऑफ की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। अब गुजरात के खिलाफ मिली एक हार से सभी समीकरण हिल गए हैं। हैदराबाद की प्लेऑफ में पहुंचने की 64.59 प्रतिशत संभावना है। उसके अभी 14 अंक हैं और दो मैच आरसीबी व सीएसके से बाकी हैं। यह दोनों टीमें भी प्लेऑफ के लिए लड़ रही हैं। ऐसे में हैदराबाद की राह आसान नहीं होगी।
- राजस्थान रॉयल्स (RR): राजस्थान रॉयल्स की टीम पिछले सात में से पांच मैच हार चुकी है। पहले चारों मैच जीतने वाली इस टीम के लिए अब प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 40 प्रतिशत से भी कम 37.10% है। हालांकि, राजस्थान के अब तीनों मैच ऐसी टीमों से हैं जो पहले से घायल हैं। मुंबई और लखनऊ प्लेऑफ की रेस से बाहर हैं और दिल्ली कैपिटल्स के भी चांस ना के बराबर हैं। ऐसे में राजस्थान अगर तीनों मैच जीतती है तो बाजी पलट सकती है। मगर मौजूदा फॉर्म और एनालिसिस के मुताबिक यह टीम शायद दिक्कत में पड़ जाए आने वाले मैचों में भी।
- चेन्नई सुपर किंग्स (CSK): पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने शुरुआत खराब की थी लेकिन उसके बाद अच्छी वापसी की और प्लेऑफ के लिए रेस में बनी हई है। सीएसके की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 31.14 प्रतिशत है। सीएसके के तीनों मैच मुश्किल हैं। लखनऊ से टीम जीतकर आई है ऐसे में सुपरजायंट्स पलटवार कर सकते हैं। फिर सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस जिन्हें खुद प्लेऑफ की दावेदारी मजबूत करनी है, ऐसे में सीएसके के लिए राह आसान नहीं लग रही है।
- कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR): केकेआर ने पिछले चार मैच लगातार जीते जरूर हैं और उसके चार मैच अभी बाकी भी हैं। जिसमें से दो मैच टॉप टीमें गुजरात टाइटंस और आरसीबी से हैं। एक-एक मैच टीम मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलेगी। यानी राह आसान नहीं है और प्लेऑफ में पहुंचने के लिए कोलकाता को सभी मैच जीतने होंगे। यही कारण है कि 7.26 प्रतिशत संभावना ही है कि यह टीम टॉप 4 में पहुंच पाएगी।
- दिल्ली कैपिटल्स (DC): दिल्ली कैपिटल्स के लिए प्लेऑफ की संभावना 0.01% यानी ना के बराबर ही है। बस इतना है कि टीम अभी तक आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की रेस से बाहर नहीं हुई है। उसके बचे हुए दो मैच केकेआर और राजस्थान से होने हैं। दिल्ली यह दोनों मैच जीतती भी है तो उसके 14 अंक हो पाएंगे। यानी अपनी जीत के अलावा दूसरों की हार ही दिल्ली को बचा सकती है जो बेहद मुश्किल है।
- परिदृश्य 1: यदि गुजरात अपने दो अगल मैच हार जाए तो GT की टॉप-4 की संभावना 87.5% रह जाएगी (पहले 98%)। इस स्थिति में RCB का मौका बढ़कर 90.1% हो जाएगा क्योंकि उसके प्रतिद्वंद्वियों को नुकसान होगा। CSK की संभावना भी बढ़कर 51.5% हो जाएगी, जबकि PBKS और SRH की संभावनाएं थोड़ी घटकर क्रमशः 71% और 54.7% रह जाएंगी। KKR का मौका बढ़कर 15.2% हो सकता है।
- परिदृश्य 2: अगर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने अगले दोनों मुकाबले जीत लेती है, तो उसकी प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना लगभग 100 प्रतिशत हो जाएगी। इस स्थिति में गुजरात टाइटंस की संभावना 99.1 प्रतिशत बनी रहेगी, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के चांस बढ़कर 68.3 प्रतिशत तक पहुंच जाएंगे। वहीं पंजाब किंग्स की संभावना घटकर 55.1 प्रतिशत रह जाएगी। इसके अलावा राजस्थान रॉयल्स के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 42 प्रतिशत और चेन्नई सुपर किंग्स की संभावना 34.8 प्रतिशत रह जाएगी, अगर आरसीबी अपने अगले दोनों मैच जीत जाती है।


