Isha Gramotsav 2025: ग्रामीण खेलों का महाकुंभ, 50 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी

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नई दिल्ली: ईशा ग्रामोत्सव 2025 इस बार और भी व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव अब आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुड्डुचेरी और पहली बार ओडिशा में भी आयोजित होगा। इस आयोजन के तहत 35,000 से अधिक गांवों तक खेलों की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। देश के सबसे बड़े ग्रामीण खेल महोत्सव के रूप में यह आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

1 अगस्त 2024 से शुरू होने वाला यह महोत्सव, ग्रामीण भारत के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक है, जो सद्गुरु की प्रेरणा से शुरू हुआ। इस बार 50,000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें 5,000 से अधिक महिलाएं होंगी। इसमें कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, फुटबॉल जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित टीमें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेंगी, और 21 सितंबर 2025 को तमिलनाडु में भव्य समापन होगा। प्रतिभागियों के लिए कुल 67 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों को बराबरी का अवसर मिलेगा।

ईशा फाउंडेशन का उद्देश्य खेलों के माध्यम से लोगों को जीवन की ऊर्जा और उत्साह से जोड़ना है। यह आयोजन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन, संस्कृति और सामूहिकता का उत्सव भी है। इसमें नाट्यकला, लोक संगीत, पारंपरिक खेल, सिलंबम, कुश्ती जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं। इसका आयोजन ईशा आउटरीच कर रहा है जिसे भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन (एनएसपीओ) के रूप में मान्यता दी गई है। यह महोत्सव सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर सहित कई दिग्गज खिलाड़ियों का समर्थन प्राप्त कर चुका है।

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