नई दिल्ली : दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला इशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन और तिलक वर्मा की अगुआई वाली साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। मुकाबला फिलहाल ड्रॉ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर निर्धारित समय तक मैच का नतीजा नहीं निकलता है, तो इशान किशन और तिलक वर्मा में से किसकी टीम को चैंपियन घोषित किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दलीप ट्रॉफी के फाइनल के लिए बीसीसीआई ने इस स्थिति को लेकर विशेष नियम तय किए हैं। आइए जानते हैं, मैच ड्रॉ रहने पर विजेता का फैसला किस तरह किया जाएगा।
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले की बात करें तो इस मैच की पहली पारी में ईस्ट जोन की टीम ने 708 रन बनाए थे और इसके जवाब में साउथ जोन की टीम ने पहली पारी में 336 रन बनाए थे। यानी पहली पारी में ईस्ट जोन को 372 रन की बड़ी बढ़त मिली थी, लेकिन इसके बावजूद ईस्ट जोन ने साउथ जोन को फॉलोऑन नहीं खिलाया और दूसरी पारी में बैटिंग शुरू कर दी। अब खबर लिखे जाने तक दूसरी पारी में ईस्ट जोन ने 6 विकेट पर 308 रन बना लिए थे और इस टीम की कुल बढ़त 680 रनों की हो गई थी।
ईस्ट जोन ने फाइनल में बनाई मजबूत पकड़
अब अगर ईस्ट जोन चाहती है कि वो पूरे दिन खेले तो वो खेल सकती है, लेकिन अगर ये टीम पारी की घोषणा कर देती है तो साउथ जोन की बल्लेबाजी आएगी और अगर साउथ जोन पूरे दिन खेलती रह गई तो ये मैच ड्रॉ हो जाएगा। वहीं अगर ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने साउथ जोन को ऑलआउट कर दिया तो उस परिस्थिति में ईस्ट जोन को जीत मिली जाएगी, लेकिन अगर साउथ जोन के बल्लेबाज आउट नहीं होते हैं तो मैच ड्रॉ रह जाएगा। अब मैच ड्रॉ होने की स्थिति में भी ईस्ट जोन यानी इशान किशन की जीत को ही विजेता घोषित किया जाएगा।
बीसीसीआई के नियम में क्या है प्रावधान?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई के नियम के मुताबिक, दलीप ट्रॉफी का कोई मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त होने की स्थिति में उस टीम को विजेता घोषित किया जाता है, जिसने पहली पारी में बढ़त हासिल की हो। मौजूदा फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के मुकाबले पहली पारी में 372 रन की बड़ी बढ़त बनाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसे में अगर मैच का नतीजा नहीं निकलता है तो बीसीसीआई के नियम के अनुसार ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया जाएगा। यानी ड्रॉ की स्थिति में इशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन टीम का दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतना तय होगा।


