नई दिल्ली : पीवी सिंधु विश्व नंबर-1 एन से यंग के सामने लगातार दबाव बनाए रखने के लिए जरूरी निरंतरता नहीं दिखा सकीं और शुक्रवार (29 मई) को सिंगापुर ओपन सुपर 750 के क्वार्टर फाइनल में हारकर उनका अभियान समाप्त हो गया। हालांकि पुरुष युगल की भारतीय जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली।
कोरिया की खिलाड़ी एन से यंग ने इस मुकाबले को 21-17, 21-14 से जीतकर सिंधु पर अपना दबदबा कायम रखा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने बीच-बीच में अपने आक्रामक खेल की झलक दिखाई और कुछ चरणों में कोरियाई खिलाड़ी पर दबाव बनाने में सफल रहीं, लेकिन निर्णायक क्षणों में एन से यंग का बेहतर नियंत्रण, बेहतरीन मूवमेंट और महत्वपूर्ण अंकों को भुनाने की क्षमता हावी रही।
सिंधु को फिर मिली हार, 9वीं बार नहीं जीत सकीं मुकाबला
इस हार के साथ सिंधु का मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के खिलाफ लगातार हार का सिलसिला नौ मैचों तक पहुंच गया है। इन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी केवल एक बार ही गेम जीत सकी हैं, जो 2023 बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में संभव हुआ था। मुकाबले से पहले ही सिंधु के लिये यह चुनौती बेहद कठिन मानी जा रही थी, क्योंकि इस वर्ष एन से यंग ने केवल एक मैच गंवाया है, जबकि 2025 में पूरे वर्ष में उन्हें केवल चार ही हार मिली हैं। यह अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर उनकी असाधारण दबदबे को दर्शाता है।

सात्विक और चिराग ने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी की
एशियाई खेलों के चैंपियन और यहां चौथे वरीयता प्राप्त सात्विक और चिराग ने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मलेशिया के खाई शिंग कांग और आरोन ताई को एक घंटे पांच मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 19-21, 21-17, 21-13 से हराया। भारतीय जोड़ी का मुकाबला शीर्ष अब वरीयता प्राप्त कोरिया के किम वॉन हो और सियो सेउंग जे से होगा, जिन्होंने सातवीं वरीयता प्राप्त ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी की जापान की जोड़ी को 21-19, 21-18 से हराया।
पहले गेम के ब्रेक के समय 7-11 से पीछे रहीं
इससे पहले सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने दमदार स्मैश और तेज इंटरसेप्शन के जरिए रैलियों पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। हालांकि, वह पहले गेम के ब्रेक के समय 7-11 से पीछे रहीं। ब्रेक के बाद लगातार आक्रामक रिटर्न और शॉट्स की मदद से उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 13-14 तक पहुंचा दिया। सिंधु की आक्रामक रणनीति उन्हें मुकाबले में बनाए रख रही थी, वहीं दूसरी ओर नेट पर एन का नियंत्रण और दबाव झेलने की क्षमता उन्हें फिर से बढ़त दिला रही थी।
भारतीय खिलाड़ी की दूसरे गेम में शुरूआत बेहद ही खराब रही
सिंधु ने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के शरीर पर ताकतवर स्मैश और कुछ कमाल के शॉट की मदद से अंतर 16-18 तक घटाया और फिर मैच की सबसे लंबी रैली जीतकर स्कोर 17-19 कर दिया। सिंधु का शॉट कोर्ट से बाहर जाने पर एन से यंग को तीन गेम पॉइंट मिल गए जिसे उन्होंने आसानी से भुना लिया। भारतीय खिलाड़ी की दूसरे गेम में शुरूआत बेहद ही खराब रही। एन ने बिना समय गंवाये 6-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, सिंधु ने इसके बाद अच्छी वापसी कर स्कोर को 6-8 किया लेकिन ऐन ने ब्रेक तक स्कोर 11-7 कर चार अंकों की बढ़त बना ली।
मैच के टर्निंग पॉइंट पर हुई गलतियां बनी हार की वजह
पीवी सिंधु ने ब्रेक के बाद आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश करते हुए स्कोर को 11-14 और फिर एक 30 शॉट की लंबी रैली जीतकर अंतर 12-14 तक कम कर दिया। लेकिन निर्णायक क्षणों में हुई कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए कोरियाई खिलाड़ी एन से यंग ने 18-13 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद लगातार बेहतरीन प्लेसमेंट से उन्होंने सिंधु को दबाव में रखा और सात मैच प्वाइंट हासिल किए। आखिरकार शॉट कोर्ट से बाहर जाते ही दूसरे मैच प्वाइंट को भुनाकर उन्होंने 48 मिनट तक चले इस मुकाबले को अपने नाम किया और सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।


