नई दिल्ली : अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत अंडर-19 टीम ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी शतकीय पारी और कप्तान आयुष म्हात्रे की अर्धशतकीय पारी की मदद से 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर बनाया। इंग्लैंड को जीत के लिए 412 रनों का लक्ष्य मिला, जो किसी के लिए भी नामुमकिन सा लग रहा था। भारत ने इस शानदार स्कोर के साथ न केवल अंडर-19 वर्ल्ड कप नॉकआउट मैचों में सबसे बड़ा स्कोर बनाया, बल्कि यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। वैभव ने इस पारी में सिर्फ 55 गेंदों का सामना कर शतक जमाया, जो ओवरऑल दूसरा सबसे तेज शतक था और भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे तेज शतक भी साबित हुआ।
U19 फाइनल में वैभव का धमाका, 175 रन की पारी
इस मुकाबले में भारत के कप्तान आयुष ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग का फैसला किया था। आयुष ने ऐसा फैसला पिच को देखते हुए लिया था जो बल्लेबाजी के अनुकूल थी और उनका ये फैसला सही साबित भी हुआ। भारत ने बेशक इस मैच में अपना पहला विकेट एरोन जॉर्ज (9 रन) के रूप में 20 रन के स्कोर पर गंवा दिया, लेकिन उसके बाद वैभव और आयुष का दम देखने को मिला।
वैभव-आयुष के बीच 142 रन की साझेदारी
वैभव और आयुष ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 90 गेंदों पर 142 रन की साझेदारी करते हुए टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और भारत का दूसरा विकेट 162 रन के स्कोर पर कप्तान आयुष के रूप में गिरा जिन्होंने 51 गेंदों पर 53 रन की पारी खेली। आयुष के आउट होने के बाद वैभव का जलवा जारी रहा और उन्होंने 80 गेंदों पर 15 छक्के और 15 चौकों की मदद से 175 रन बनाए और फिर आउट हो गए। भारत ने तीसरा विकेट वैभव के रूप में तब गंवाया जब भारत का स्कोर 251 रन था।
कनिष्क चौहान का शानदार नाबाद 37 रन का योगदान
भारत ने अपनी पहली पारी में चौथा विकेट 302 रन के स्कोर पर खोया, जब विहान मलहोत्रा 30 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद 308 रन पर पांचवां विकेट वेदांत के रूप में गिरा, जिन्होंने 32 रन की पारी खेली। निचले क्रम में अभिज्ञान कुंडू ने 31 गेंदों में 40 रन की तेज पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर दिलाया। वहीं, खिलान पटेल ने सिर्फ 3 रन बनाकर अपना विकेट खोया और हेनिल ने 5 रन बनाए। आखिरी वक्त में कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों पर नाबाद 37 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूती प्रदान की। इंग्लैंड की तरफ से जेम्स मिंटो ने सर्वाधिक 3 विकेट लेकर अपनी टीम को चुनौती दी।


