नई दिल्ली : बिहार क्रिकेट के इतिहास में 6 जून 2026 का दिन एक यादगार और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा। इस दिन राज्य के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में जगह मिली, जिसने बिहार के क्रिकेट जगत को नई पहचान दिलाई। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा की, जिसमें 15 वर्षीय वैभव का नाम शामिल था। यह उपलब्धि उस राज्य के लिए बेहद खास है, जो कुछ वर्ष पहले घरेलू क्रिकेट में अव्यवस्थाओं और रणजी ट्रॉफी से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा के दम पर बिहार को भारतीय क्रिकेट के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का काम किया है।
वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम में चुने जाने वाले बिहार के पहले क्रिकेटर नहीं हैं, लेकिन वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हुए राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया है। 21वीं सदी में, बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद भारतीय टीम में चयनित होने वाले वह बिहार के पहले घरेलू क्रिकेटर बने हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बिहार क्रिकेट के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वैभव ने अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर बिहार को भारतीय क्रिकेट के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने का काम किया है।
धोनी और सबा करीम के बाद वैभव ने बढ़ाया बिहार का मान
भारतीय टीम में पहले भी बिहारी क्रिकेटर खेले हैं। वर्तमान में भी इशान किशन और आकाशदीप जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बिहार का प्रतिनिधित्व करके भारतीय टीम में चुने जाने वाला खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है। महेंद्र सिंह धोनी और सबा करीम जैसे खिलाड़ियों ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन दोनों घरेलू क्रिकेट में दो टीमों से खेले।
इन बिहारी खिलाड़ियों ने दूसरे राज्यों से खेलकर बनाई पहचान
सबा करीम का जब भारतीय टीम में चयन हुआ था, तब वह बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले वह बंगाल की टीम से जुड़ गए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वहीं महेंद्र सिंह धोनी के भारतीय टीम में आने तक बिहार और झारखंड का विभाजन हो चुका था और बिहार क्रिकेट को बीसीसीआई की मान्यता भी नहीं मिली हुई थी। यही वजह रही कि बाद के वर्षों में बिहार से जुड़े कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ा। इशान किशन, आकाश दीप और मुकेश कुमार जैसे खिलाड़ियों ने भी दूसरे राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय टीम तक का सफर तय किया।
बिहार की धरती से निकलेंगे नए क्रिकेट सितारे
महेंद्र सिंह धोनी के भारतीय क्रिकेट में उभरने के बाद झारखंड ने लगातार कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी देश को दिए। वरुण आरोन, सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम जैसे क्रिकेटरों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन झारखंड से प्रतिभाओं का निकलना नहीं रुका। आईपीएल में भी कुमार कुशाग्र, रॉबिन मिंज और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ी अपनी पहचान बना चुके हैं। अब बिहार को भी उम्मीद होगी कि वैभव सूर्यवंशी की सफलता के बाद राज्य के अन्य युवा क्रिकेटरों के लिए भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के रास्ते खुलेंगे। साकिब हुसैन ऐसा ही एक नाम हैं, जिनसे भविष्य में बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। वह आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रहे थे और आगे चलकर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।


