WFI अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद 53 किग्रा में उतरीं विनेश फोगाट, दर्ज की जीत

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नई दिल्ली : विनेश फोगाट ने एशियाई खेलों के लिए भारतीय कुश्ती टीम में जगह बनाने की कोशिश के तहत शनिवार (30 मई) को चयन ट्रायल में शानदार शुरुआत की। पहले मुकाबले में उन्होंने ज्योति को 7-1 से हराकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। शुरुआत में विनेश ने सतर्कता के साथ खेलते हुए अधिकतर समय खड़े होकर मुकाबला नियंत्रित किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपने दांव आजमाने शुरू किए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जवाबी हमले में उन्होंने ‘पुश पॉइंट’ से अंक जुटाए और बाद में दोनों टांगों पर आक्रामक प्रयास किए, जिससे मुकाबले पर उनकी पकड़ मजबूत होती चली गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दूसरे पीरियड की शुरुआत में उन्हें क्लॉक पर रखा गया और वहीं से उन्होंने हावी होना शुरू कर दिया। दाहिने पैर पर हमला करके उन्होंने ज्योति को नीचे गिराकर 3-0 से बढ़त बना ली। ज्योति ने भी उनकी टांग पर हमला किया लेकिन विनेश फोगाट ने पूरी ताकत का इस्तेमाल करके उसे नाकाम कर दिया। जवाबी हमले में विनेश ने दो फुर्तीले मूव के साथ स्कोर 7-0 कर दिया जबकि ज्योति ने एक ‘पुशआउट’ अंक बनाया।

माप के समय बदला पूरा घटनाक्रम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब विनेश का सामना निशु से होगा जिसने रिया को हराया। इस बीच अंतिम पंघाल ने सिर्फ 34 सेकंड में तन्नु को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। फाइनल में अंतिम का सामना विनेश से हो सकता है। विनेश को सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से खेलना पड़ सकता है। इससे पहले शनिवार सुबह आधिकारिक वजन-माप के दौरान घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया जब दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश को सूचित किया गया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक सहित अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी भार वर्ग में भाग लिया था।

संजय सिंह के दखल से बदला पूरा मामला

विनेश ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पसंद के भार वर्ग में उतरने से रोककर महासंघ उनके साथ भेदभाव कर रहा है। मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में भी भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘विनेश के आरोप लगाने के बाद हमने अधिकारियों को उनका वजन मापने की अनुमति दी। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहते। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह नहीं बताया था कि वह किस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं, फिर भी हम उन्हें अनुमति दे रहे हैं।’

कम से कम दो साल और खेलने का इरादा

इसके बाद विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल कर लिया गया। ट्रायल की तैयारी के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में विनेश ने कहा कि वह अभी कम से कम दो वर्षों तक प्रतिस्पर्धी कुश्ती जारी रखने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘मैं यहां कम से कम दो साल तक रहूंगी।’ यह फैसला डब्ल्यूएफआई के लिए अपने पूर्व रुख से पीछे हटने जैसा माना जा रहा है।

अलग-अलग भार वर्गों में खेल चुकीं विनेश फोगाट

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ अब तक यही कहता रहा था कि हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने और भार वर्ग परिवर्तन की औपचारिक सूचना न देने के कारण विनेश फोगाट पर केवल उसी श्रेणी में विचार किया जाएगा। यह मामला पहले से ही चर्चा में रहा है। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया था कि विनेश को एक “प्रतिष्ठित खिलाड़ी” के रूप में मान्यता देते हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, विनेश अपने करियर में 53 किलोग्राम सहित कई भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं और वह ट्रायल में इसी वर्ग में भाग लेना चाहती थीं। ट्रायल के विजेता को इस वर्ष आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

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