नई दिल्ली: तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 17 रन से मात देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस मैच में विराट कोहली ने 120 गेंदों पर 135 रन की धुआंधार पारी खेली और प्लेयर ऑफ़ द मैच का खिताब जीता। पुरस्कार मिलने के बाद कोहली ने स्पष्ट कर दिया कि वे केवल वनडे फॉर्मेट में ही खेलेंगे और अन्य प्रारूपों में रिटायरमेंट से वापसी का कोई इरादा नहीं रखते।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 349 रन बनाए थे। कोहली ने भारत के लिए 135 रन की पारी खेली थी जबकि रोहित शर्मा ने 57 रन जबकि कप्तान केएल राहुल ने भी टीम के लिए अहम 60 रन बनाए थे। साउथ अफ्रीका ने इसके जवाब में 49.2 ओवर में 332 रन बनाए और उसे हार मिली। हालांकि प्रोटियाज जीत के काफी करीब आ जरूर गए थे।
विराट कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट में ही खेलेंगे
मैच के बाद हर्षा भोगले ने विराट कोहली से पूछा कि क्या खेल के दौरान फिजिकल पहलू कभी उनकी चिंता का विषय नहीं बनता, क्योंकि उन्होंने दो रन बनाने और बाउंड्री पर गेंद रोकने में जिस तरह का परफॉर्मेंस दिया, वह बच्चों जैसा लग रहा था। साथ ही उन्होंने पूछा कि अब आप केवल एक फॉर्मेट खेल रहे हैं, क्या यह हमेशा ऐसा ही रहेगा। इस पर कोहली ने जवाब दिया कि हां, हमेशा ऐसा ही रहेगा और फिलहाल मैं सिर्फ एक ही प्रारूप में खेल रहा हूं।
यकीन ने कहा: ‘बहुत ज्यादा तैयारी में नहीं हूं’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोहली ने आगे कहा कि मैं कभी भी अत्यधिक तैयारी पर भरोसा नहीं करता और मेरा खेल पूरी तरह मानसिक तैयारी पर आधारित है। जब तक मैं मानसिक रूप से तैयार और सही महसूस करता हूं, मैं खेल सकता हूं। मैं अपनी जिंदगी में हर दिन फिजिकली कड़ी मेहनत करता हूं, जिसका क्रिकेट से कोई सीधे संबंध नहीं है; यह मेरे जीवन जीने का तरीका है। इसलिए, जब तक मेरी फिटनेस अच्छी है, मैं खेल का पूरा आनंद उठा सकता हूं।
कोहली ने कहा: रिकवरी का भी रखें ध्यान
कोहली अब लंदन में रहते हैं। जब उनसे हाल ही में रांची आने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि मैं यहां की परिस्थितियों को समझना चाहता था। इसके लिए मैंने दिन में कुछ सेशन और शाम को एक और सेशन लिया, जिससे मेरी तैयारी पूरी हो गई। मैच से एक दिन पहले ही मैंने आराम किया, क्योंकि अब मैं 37 साल का हूं और अपनी रिकवरी का भी ध्यान रखना जरूरी है।


